हरियाणा में अब एमबीबीएस डिग्री के साथ-साथ नर्स बनना भी महंगा हो गया है। सरकारी नर्सिंग संस्थान में निशुल्क होने वाले एएनएम-जीएनएम और एमपीएचडब्ल्यू कोर्स के लिए हरियाणा सरकार ने फीस तय कर दी है। यह कोर्स करने के लिए युवाओं को अब 30 से 45 हजार रुपये खर्च करने होंगे। वहीं, बीएससी नर्सिंग कोर्स की फीस में भी 5 हजार रुपये सालाना की बढ़ोतरी की गई है। सरकार की ओर से इस संदर्भ में अधिसूचना जारी कर दी गई है।
फैसले के तहत प्रदेश सरकार ने वर्ष 2021-22 के लिए मेडिकल कोर्सों की फीस दरें तय कर दी हैं। इसके तहत एमबीबीएस की ट्यूशन फीस पहले की तरह 80 हजार रुपये सालाना ही रहेगी। जबकि निजी मेडिकल कॉलेजों में पीजी कोर्सिज के लिए पहली बार फीस निर्धारित कर दी गई है। सरकार के नए फैसले से एएनएम और जीएनएम कोर्स के लिए सालाना 15 हजार रुपये फीस देनी होगी। एएनएम का कोर्स दो साल और जीएनएम का कोर्स 3 साल का होता है। ऐसे में पहले जहां इन कोर्सों के लिए कोई फीस नहीं देनी होती थी, अब पूरे कोर्स के लिए 30 और 45 हजार रुपये चुकाने होंगे।
हरियाणा में जीएनएम कोर्स के लिए करनाल, हिसार और भिवानी में संस्थान हैं। इसी प्रकार, एएनएम के लिए प्रदेश में कुल 8 सरकारी संस्थान हैं। हर साल यहां से सैकड़ों लड़के-लड़कियां कोर्स करके निकलते हैं। सरकारी संस्थानों से एमपीएचडब्ल्यू, एएनएम, जीएनएम का कोर्स करने के लिए पहले कोई फीस नहीं ली जाती थी।
एमबीबीएस कोर्स पहले से ही महंगा
सरकारी कॉलेजों में एमबीबीएस फीस पिछले साल से ही महंगी चल रही है। वर्ष 2019 तक आम तौर पर अभी तक एक अभ्यर्थी को सालाना 53 हजार रुपये फीस देनी होती है। लेकिन अब सरकारी मेडिकल कॉलेजों में प्रति साल 10 लाख रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं।
किस कोर्स के लिए कितनी देनी होगी फीस
एनएनएम 15 हजार
जीएनएम 15 हजार
बीएससी नर्सिंग 24140
पीबी साइंस नर्सिंग 29640
एमएससी नर्सिंग 35140
बीपीटी 24125
निजी कॉलेजों में पीजी कोर्स की फीस
निजी कॉलेजों में एमडी और एमएस के लिए फीस तय की गई है। प्री क्लीनिकल स्पेशलेटिज के लिए 3.52 लाख, पेरा क्लीनिकल के लिए 5.52 और क्लीनिकल स्पेशलिटिज के लिए 14.2 लाख रुपये फीस देनी होगी। हर साल 10 प्रतिशत बढ़ोतरी होगी। इसी प्रकार सरकारी मेडिकल कॉलेजों में पीजी कोर्सों के लिए 1.25, 1.50 और 1.75 लाख फीस क्रमश: प्रथम, द्वितीय और तृतीय वर्ष के लिए तय की है।