एग्जिट पोल में सकारात्मक नतीजों के संकेत के बाद भाजपा में अंदरखाने भावी मुख्यमंत्री के नाम को लेकर माथापच्ची शुरू हो गई है। इस पद के लिए कई दावेदार हैं।
अगर पार्टी नेतृत्व ने जाट राजनीति करने का मन बनाया तो कैप्टन अभिमन्यु आलाकमान की पसंद हो सकते हैं। गैर जाट केंद्रित राजनीति पर मुहर लगने के बाद पार्टी नेतृत्व इस पद के लिए मनोहर लाल खट्टर, अनिल विज, केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह, प्रदेश अध्यक्ष रामबिलास शर्मा, कृष्णपाल गुर्जर के नाम पर चर्चा करेगा।
हालांकि पार्टी का एक बड़ा खेमा हरियाणा के साथ-साथ तीन अन्य राज्यों की राजनीति को गहरे तक प्रभावित करने वाली जाट बिरादरी में पैठ बनाने के लिए इसी समुदाय के नेता को मुख्यमंत्री की कुर्सी देने के पक्ष में है। माना जा रहा है कि पार्टी नेतृत्व इस मुद्दे पर चुनाव नतीजे वाले दिन अर्थात 19 अक्टूबर को चर्चा करेगा।
सीएम पद के दावेदारों ने लॉबिंग तेज की
इससे पहले राज्य के चुनाव प्रभारी और प्रभारी पार्टी अध्यक्ष अमित शाह को अपनी रिपोर्ट सौंपेंगे। उधर, सीएम पद के दावेदारों ने भी अपनी लॉबिंग तेज कर दी है। पार्टी की रणनीति है कि 19 अक्तूबर को नतीजे पूरी तरह से पक्ष में आया तो मतगणना के तुरंत बाद ही मुख्यमंत्री पद के प्रत्याशी के नाम की घोषणा कर दी जाएगी।
पार्टी के शीर्ष नेता और प्रदेश चुनाव प्रभारी कैलाश विजयवर्गीय ने प्रचार के दौरान यह संकेत दिए थे कि परिणाम के तुरंत बाद पार्टी सीएम पद के दावेदार के नाम का ऐलान कर देगी। भाजपा के वरिष्ठ सूत्रों के मुताबिक नतीजे भाजपा के पक्ष में आए तो पार्टी हरियाणा में जाट और गैर जाट के बीच सामंजस्य बिठाकर चलेगी।
हरियाणा में जाटों की अनदेखी कर मंत्रिमंडल और मुख्यमंत्री का चुनाव नहीं किया जाएगा। इस लिहाज से पार्टी में नारनौंद से प्रत्याशी कैप्टन अभिमन्यु के नाम पर विचार चल रहा है। दक्षिण हरियाणा की डेढ़ दर्जन सीटों में से भाजपा नेता एक दर्जन सीटें अपने खाते में मान कर चल रहे हैं।
पार्टी का मानना है कि इस चुनाव में कांग्रेस को करारी शिकस्त मिलेगी। जिसके बाद इनेलो से निपटने के लिए पार्टी में जाट चेहरे को वरीयता जरूरी है।
संघ के दरबार में हाजिरी शुरू
भाजपा का असली वोट बैंक दक्षिण हरियाणा और उत्तर हरियाणा है। इस क्षेत्र में अनिल विज और मनोहर लाल खट्टर जैसे प्रत्याशियों के नाम पर विचार किया जा रहा है।
इसके अलावा फरीदाबाद से सांसद कृष्णपाल गुर्जर के नाम पर भी विचार किया जाएगा। संघ की मंजूरी के बिना हरियाणा में भाजपा किसी के चेहरे पर मोहर नहीं लगाएगी। संघ के पास भी भाजपा नेताओं ने माथा टेकना शुरू कर दिया है।
मुख्यमंत्री पद के लिए राव इंद्रजीत और सुषमा स्वराज का नाम भी चर्चा में है, लेकिन राव इंद्रजीत की अभी पार्टी में नई एंट्री है और सुषमा स्वराज पूर्व में हरियाणा जाने पर अपनी असहमति जता चुकी हैं। ऐसे में लंबे समय से बनवास झेल रहे हरियाणा भाजपा के नेताओं की किस्मत खुलने की आस जग गई है।
कैलाश विजयवर्गीय, हरियाणा चुनाव प्रभारी ने बताया कि 18 अक्तूबर की शाम को दिल्ली पहुंच जाऊंगा। 19 को मुख्यमंत्री के नाम पर विचार किया जाएगा। संभावना है कि उसी दिन नाम भी तय हो जाएगा।
वीर कुमार यादव, प्रवक्ता हरियाणा भाजपा के अनुसार हरियाणा में दीवाली से पहले भाजपा की सरकार का गठन हो जाएगा। यह निश्चित है कि भाजपा का कार्यकर्ता ही मुख्यमंत्री बनेगा।