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Haryana: साल 2022 से अब तक PPP की वजह से एक लाख 40 हजार वृद्धों की स्वत: शुरू हुई पेंशन, CM ने दी जानकारी

Sat, 04 Nov 2023 10:09 PM IST
भूपेंद्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़

सार

सीएम मनोहर लाल ने कहा कि पीपीपी की वजह से 60 वर्ष होते ही स्वत: पेंशन शुरू हो जाती है।  वर्ष 2022 से अब तक पीपीपी की वजह से हरियाणा में एक लाख 40 हजार वृद्धों की स्वत: पेंशन शुरू हुई है। 
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हरियाणा के सीएम मनोहर लाल। - फोटो : ANI
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हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने दावा करते हुए कहा कि हमारी सरकार ने लोगों को दफ्तर, दरखास्त और दस्तावेज से मुक्ति दिलाने का काम किया है। लोगों को घर बैठे ही योजनाओं का लाभ मिल रहा है। इसमें परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) सबसे अहम दस्तावेज बनकर उभरा है। मई 2022 में सरकार ने वृद्धावस्था सम्मान भत्ते को परिवार पहचान पत्र से जोड़ा था। तब से लेकर अब तक लगभग 1 लाख 40 हजार वृद्धों की स्वत: ही पेंशन बन गई।

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इसमें उन्हें आने की जरूरत नहीं पड़ी, बल्कि सरकार का कर्मचारी खुद ही उनके घर गया और पेंशन शुरू करने की उनसे सहमति ली। इस समय प्रदेश में 18 लाख 52 हजार 85 बुजुर्गों को लगभग 506 करोड़ 50 लाख रुपये की राशि प्रतिमाह प्रदान की जा रही है। सीएम ने यह जानकारी शनिवार को विशेष चर्चा कार्यक्रम के तहत ऑडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से दी। उन्होंने उन लाभार्थियों से बात की, जिनकी पेंशन स्वत: ही बन गई थी।

उन्होंने कहा कि जैसे ही कोई व्यक्ति 60 वर्ष का हो जाता है, तो उसको मोबाइल पर मैसेज आता है कि आप वृद्धावस्था भत्ते के लिए पात्र हो गये हैं और इसके लिए आपकी सहमति ली जाती है। उनकी सहमति के बाद स्वत: ही वृद्धावस्था सम्मान भत्ता मिलना शुरू हो जाता है।
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यह सब परिवार पहचान पत्र के कारण संभव हो सका है। उन्होंने कहा कि वृद्धावस्था सम्मान भत्ते का ज्यादा से ज्यादा वृद्धों को लाभ पहुंचाने के लिए आय सीमा को 2 लाख रुपये से बढ़ाकर 3 लाख रुपये वार्षिक की है। वर्ष 2014 में लाभार्थियों को 1000 रुपये मासिक पेंशन मिलती थी।

हमारी सरकार ने हर साल इस सम्मान भत्ता की राशि में वृद्धि करते हुए 2,750 रुपये मासिक किया और अब आगामी पहली जनवरी, 2024 से इस राशि को बढ़ाकर 3 हजार रुपये कर दिया है। उन्होंने कहा कि वृद्धावस्था पेंशन के अलावा सरकार विधवा महिलाओं, गंभीर बिमारी से ग्रस्त व्यक्तियों और दिव्यांग व्यक्तियों को भी पेंशन का लाभ देती है।

अब सरकार ने विधुर को भी 40 साल की आयु के बाद तथा 45 वर्ष से 60 वर्ष आयु वाले अविवाहित पुरुषों के लिए भी मासिक पेंशन देने की शुरुआत की है। इस प्रकार राज्य में कुल 30 लाख लोगों को मासिक पेंशन का लाभ दिया जा रहा है। इस प्रकार जनवरी, 2024 से एक बड़ा हिस्सा पेंशन सुविधाओं के लिए खर्च होगा।

अकेले रह रहे बुजुर्गों की देखभाल के लिए बनाई प्रहरी योजना
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने बुजुर्गों के लिए एक नई योजना बनाई है। 80 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों के लिए प्रहरी योजना शुरू करने की घोषणा की थी। परिवार पहचान पत्र के डेटा के अनुसार प्रदेश में 80 वर्ष से अधिक आयु के 3 लाख 30 हजार बुजुर्ग हैं। इनमें से 3600 बुजुर्ग तो ऐसे हैं, जो अकेले रह रहे हैं। प्रहरी योजना में इन बुजुर्गों की कुशल क्षेम जानने के लिए सरकारी कर्मचारी दो महीने में एक बार उनसे व्यक्तिगत रूप से मिलने जाते हैं। यदि किसी बुजुर्ग को चिकित्सा सहायता, संपत्ति की सुरक्षा व किसी अन्य मदद की जरूरत होगी, तो संबंधित सरकारी विभाग के माध्यम से उनकी मदद की जाएगी। अकेले रह रहे बुजुर्गों की देखभाल वरिष्ठ नागरिक सेवा आश्रम योजना के तहत सेवा आश्रमों में करेंगे। जिला स्तर पर उपायुक्तों को वरिष्ठ नागरिक सेवा आश्रम खोलने के भी निर्देश दिए गए हैं।

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