हरियाणा लोक सेवा आयोग (एचपीएससी) में नौकरियों के बदले रुपये लेने, फर्जीवाड़े और व्हाट्सअप चैट मामले को लेकर मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन बड़ा एलान किया। मुख्यमंत्री ने पवित्र ग्रंथ श्रीमद् भगवत गीता पर हाथ रखकर सौगंध खाते हुए कहा कि इस मामले में अगर किसी भी स्तर के एक भी अधिकारी की संलिप्ता पाई गई तो उसे बख्शा नहीं जाएगा। तुरंत बर्खास्त किया जाएगा।
बेरी से कांग्रेस विधायक रघुबीर सिंह कादियान ने सोमवार को नौकरियों में पर्ची-खर्ची को लेकर हरियाणा सरकार पर हमला बोला। कादियान ने कहा कि 2021 में एचपीएससी में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया था। इसके अलावा पकड़े गए एचसीएस और एचपीएससी के उप सचिव अनिल नागर की व्हाट्सअप चैट बाहर आई थी। इस चैट को प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने दिसंबर 2021 में हुए विधानसभा सत्र में पढ़ा था लेकिन आज तक सरकार ने इस मामले की कोई जांच नहीं बैठाई। कादियान ने कहा कि सरकार पारदर्शिता की बात करती है तो इस व्हाट्सअप चैट की जांच क्यों नहीं हुई?
जवाब देने के लिए मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने मोर्चा संभाला। मुख्यमंत्री ने अपनी जेब से श्रीमद् भगवत गीता पुस्तक निकाली और उस पर हाथ रखकर कहा। मैं सौगंध खाता हूं कि इस मामले में जो भी शामिल होगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा। मनोहर लाल ने कांग्रेस पर कटाक्ष करते हुए कहा कि वर्तमान में कांग्रेस की हालत ऐसी हो गई है कि भंडारे में जाएं तो पूड़ी खत्म, बाहर आए तो चप्पल गायब।
हुड्डा ने 2021 में सार्वजनिक की थी व्हाट्सअप चैट
दिसंबर 2021 के विधानसभा के शीतकालीन सत्र में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने सदन में मोबाइल नंबर 7027460111 बताते हुए इसकी चैटिंग सार्वजनिक की थी। यह चैटिंग एचपीएससी के चेयरमैन और तत्कालीन उपसचिव अनिल नागर की बताई गई थी, जिसमें एचसीएस, डेंटल सर्जन, एचसीएस और ज्यूडिशियल भर्ती का जिक्र है। इसमें डेंटल सर्जन भर्ती फर्जीवाड़े के आरोपी अश्वनी, नवीन के भी नाम लिखे थे। नागर अश्वनी से पांच करोड़ रुपये लेने की बात स्वीकार की थी। इसमें नागर को चेयरमैन ने बी केयरफुल लिखा था। भर्तियों को लेकर अन्य सदस्यों व सचिव के बारे में भी चेयरमैन अपडेट ले रहा था। चैट में नीरज नाम का भी जिक्र था।
एचसीएस नागर किए जा चुके बर्खास्त
इस मामले में हरियाणा सरकार की ओर से एचसीएस अनिल नागर को बर्खास्त किया जा चुका है। मामले की जांच एंटी करप्शन ब्यूरो कर रहा है। फर्जीवाड़े का खुलासा होने के बाद डेंटल सर्जन और एचसीएस की दोनों परीक्षाओं को रद्द किया गया था, बाद में दोबारा ये परीक्षाएं ली गई हैं।
चरखी दादरी में गांव घसौला में बनेगा मेडिकल कॉलेज
सीएम मनोहर लाल ने कहा कि 2015 में हमने हर जिले में एक मेडिकल कॉलेज खोलने की बात कही थी। मगर चार जिलों में मेडिकल कॉलेज की घोषणा नहीं हो पाई थी। अब बाद में घोषणा की गई। मनोहर लाल ने यह भी जानकारी दी है कि चरखी दादरी के गांव घसौला की जमीन पर मेडिकल कॉलेज का निर्माण होगा।