विधानसभा में बुजुर्गों की पेंशन बनाने को लेकर आ रही दिक्कतों का मामला भी गरमाया। विधायक अमरजीत ढांडा ने कहा कि पेंशन बनवाने को लेकर बुजुर्गों को दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। यह काफी जटिल प्रक्रिया है। बुजुर्ग सीएससी आदि पर धक्के खाने को मजबूर हैं, इस प्रक्रिया को सरल बनाया जाए। वहीं, असंध से विधायक शमशेर गोगी ने आरोप लगाया कि एक रैकेट काम कर रहा है। करनाल में बुजुर्गों की पेंशन लगाने के नाम पर रिश्वत ली जा रही है।
मंत्री ओमप्रकाश यादव ने बताया कि इस योजना को सेवा के अधिकार के प्रावधान के अनुसार आवश्यक सेवाओं की सूची में शामिल किया गया है। वृद्धावस्था सम्मान भत्ते के लिए नए केसों की स्वीकृति के लिए 60 दिन का समय तय है। इसे सरल बनाने के लिए आवेदन प्रक्रिया को परिवार पहचान पत्र के साथ जोड़ दिया गया है। पीपीपी पर एक बार डाटा प्रमाणित होने पर जिला समाज कल्याण अधिकारी द्वारा दस्तावेज और सत्यापन की जरूरत नहीं रहेगी।
पेंशन के लिए 4430 करोड़ का बजट
मंत्री ने बताया कि केवल वृद्धावस्था सम्मान भत्ता योजना के लिए वित्त वर्ष 2021-22 के दौरान 4430 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया, जबकि अन्य सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के लिए 3241 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के तहत लाभार्थियों की कुल संख्या 2740340 है जिसमें वृद्धावस्था सम्मान भत्ता के लाभपात्रों की संख्या 1668067 है। वर्तमान में 18 अगस्त, 2021 तक 3400.01 करोड़ रुपये की राशि वितरित की गई।