करनाल में प्रगतिशील किसान सम्मेलन।
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हरियाणा के करनाल में सीएम मनोहर लाल ने प्रगतिशील किसान सम्मेलन में शिरकत की। इस दौरान सीएम मनोहर लाल ने किसानों से सीधा संवाद किया और तीन नई योजनाओं की शुरुआत की। राहुल गांधी की खेती बचाओ यात्रा पंजाब में शुरू हो चुकी है। यह यात्रा हरियाणा भी पहुंचेगी। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए सीएम मनोहर लाल ने कहा कि राहुल गांधी के पास कोई काम नहीं है। अभी मुझे उनके कार्यक्रम के बारे में कोई जानकारी नहीं है। अगर कार्यक्रम आता है तो फिर तय किया जाएगा। हां, एक बात साफ है कि किसी को भी प्रदेश में कानून अपने हाथ में नहीं लेने दिया जाएगा।
कांग्रेस ने शुरू से ही लोगों को गुमराह करने की कोशिश की है लेकिन अब जनता जागरूक हो चुकी है। पहले सीएए, अनुच्छेद 370 और राम मंदिर को लेकर भ्रमित किया और अब तीन कृषि कानूनों को लेकर राजनीति कर रही है। प्रगतिशील किसान सम्मलेन डॉ. मंगलसेन सभागार में सपन्न हुआ। इस दौरान कृषि वैज्ञानिक और किसान मौजूद रहे।
सीएम मनोहर लाल बोले कि पिछले सरकार ने एमएसपी पर गेहूं और धान के अलावा अन्य फसल नहीं खरीदी थी। अब तक कोई एमएसपी (न्यनूतम समर्थम मूल्य) कानून क्यों नहीं। हमारी विचारधारा ऐसा माहौल बनाना है कि किसान को बेचने के लिए एमएसपी की जरूरत न हो। हमने हरित क्रांति के दौरान फसलें बढ़ाईं। लेकिन क्या किसान की आय बढ़ी? क्या वह आत्मनिर्भर हो गया? ऐसा नहीं लगता। इस द्वंद्व ने इंडिगो कानूनों से स्वतंत्रता के बाद से किसानों को त्रस्त किया है। वे हमेशा प्रतिबंधित रहे हैं।
खुद की कहानी सुनाई
सीएम मनोहर लाल ने बताया कि वे पांच भाई हैं और जमीन केवल दस एकड़ थी। पांच में से उनके समेत तीन भाई बाहर शहरों में चले गए और दो भाई गांव में रह गए तो उनका छोटा भाई भी नौकरी लग गया। ऐेसे में केवल एक भाई गांव में रह गया जो 10 एकड़ की खेती करता था लेकिन बाद में उसने भी गांव छोड़ दिया और शहर आ गए। इसी प्रकार हर घर और गांव से खेती करने वाले कम हो रहे हैं। हमारा प्रयास है कि युवाओं और अगली पीढ़ी को खेती से जोड़ें। इसको लेकर कई स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं। जल्द ही इन्हें लागू किया जाएगा।
प्रदेश में वीटा के बूथ 400 से बढ़ाकर 7 हजार किये जाएंगे। इन पर दूध-घी लस्सी के अलावा, फल और सब्जियां भी बेची जा सकेंगी। हरियाणा एग्रो के भी दो हजार बूथ खोलने की योजना है, जिन पर पैकेड चीजे बेची जा सकेंगी। इनमें ब्रांडेड कंपनी के उत्पादों के अलावा, देसी चीजें बेची जा सकेंगी।