पंजाब के मोगा से आज (रविवार) राहुल गांधी की 'खेती बचाओ यात्रा' की शुरूआत हो गई है । इससे पहले राहुल गांधी ने यहां विशाल जनसभा को संबोधित किया। हाथरस की घटना का जिक्र करते हुए राहुल गांधी ने अपना भाषण शुरू किया। उन्होंने कहा कि जिस परिवार की बेटी मारी गई उनको ही घर में बंद कर दिया। मुख्यमंत्री ने उनको धमकाया। यह है हिंदुस्तान की हालत। जो अपराध करता है उनके खिलाफ कुछ नहीं होता है और जो मारा जाता है, कुचला जाता है और दबाया जाता है उनके खिलाफ कार्रवाई होती है।
राहुल बोले- इन कानूनों करेंगे रद्द
अंग्रेजों ने हिंदुस्तान के किसानों को खत्म कर देश को गुलाम बनाया। यही हाल केंद्र सरकार का है। मैं ये नहीं कर रहा हूं कि इस सिस्टम में कमी नहीं है। जरूर सिस्टम में कमी है। सिस्टम को बदलने की जरूरत है। मगर सिस्टम को नष्ट करने की जरूरत नहीं है। अगर आप ने सिस्टम को नष्ट कर दिया तो किसान की रक्षा के लिए कुछ नहीं बचेगा। किसान मारा जाएगा। मैं और कांग्रेस पार्टी किसान आंदोलन के साथ खड़ी है। जिस दिन हमारी सरकार आएगी उस दिन हम इन काले कानून को रद्द कर फेंक देंगे। पंजाब-हरियाणा और पूरे हिंदुस्तान का किसान पीछे नहीं हटेगा।
कोरोना काल में ये कानून लाने की जरूरत क्यों?
राहुल गांधी ने कहा कि कोविड के समय इन तीन कानूनों को लागू करने की क्या जरूरत थी। अगर इन्हें लागू करना है तो लोकसभा और राज्यसभा में बातचीत करते। पीएम ने कहा कि किसानों के लिए कानून बनाए जा रहे है। अगर किसान इन कानून से खुश है तो पूरे देश में आंदोलन क्यों हो रहे हैं। पंजाब का किसान आंदोलन क्यों कर रहा है। नोटबंदी की तो कहा कालाधान मिट जाएगा। जीएसटी लागू कर छोटे व्यापारी और दुकानदारों को खत्म किया। कोविड आया तो देश के बड़े उद्योगपतियों का कर्जा माफ किया। उनका टैक्स माफ किया मगर गरीबों और किसानों की कोई मदद नहीं की।
ये बोले नवजोत सिंह सिद्धू
सिद्धू ने कहा कि अगर लोगों में रोष और आक्रोश आ जाए तो दिल्ली की सरकार को उलटना निश्चित है। ये लिख लो। आज किसान घबराया हुआ और सड़कों पर आया । पंजाब का किसान अन्न पैदा कर ही अन्नदाता बना। पंजाब को एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) की लड़ाई क्यों लड़नी पड़ी। क्योंकि पंजाब ने 80 करोड़ का पेट भरा। आज केंद्र सरकार एहसास फरामोश हो गई है। ये सरकार पूंजीपति के हाथों में सबकुछ देना चाहती है। जबरदस्ती पास किए गए ये काले कानून का विरोध करता हूं।
यह विविधता और संघीय संरचना पर हमला है। सिद्धू ने शायरी कहते हुए कहा कि जो भरा नहीं भावों से बहती जिसमें रसधार नहीं, वह ह्रदय नहीं पत्थर है जिसमें स्वदेश का प्यार नहीं...पंजाब का प्यार नहीं। ये हमारे अधिकार पर डांका डाल रहे हैं। पांच लाख मजदूर का अस्तित्व मिटा देंगे। हमारे बाप-दादे ने मिलकर ये मंडिया बनाई। जहां मंडिया नहीं है वहां किसान मजदूरी कर रहे हैं। केंद्र सरकार अमेरिका और यूरोप में फेल हुए सिस्टम को लागू कर रही है।
सोनिया गांधी ने सभी मुख्यमंत्रियों को निर्देश दिए है कि इन कानूनों को रद्द कर पंजाब का कानून बनाओ। सत्र बुलाओ और अपने कानून बनाओ। राज्य भी कानून बना सकता है। केंद्र से लड़िए और पेट के अधिकार के लिए बात कीजिए। नवजोत सिंह सिद्धू ने मंच से कहा कि अगर कानून वापस नहीं लेते तो हम क्या करेंगे। यह हमें शंभू सीमा से आगे नहीं जाने देते हैं। पंजाब सरकार अगर दूध पर एमएसपी दे सकती है तो बाकी में क्यों नहीं। यह जिम्मेदारी भी सरकार को उठानी होगी। सरकारें समस्या के हल के लिए होती हैं।