पानी के अवैध दोहन पर रखें नजर
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि फरीदाबाद से होडल तक जहां-जहां रैनीवेल आधारित परियोजनाएं बनाई गई हैं, उस क्षेत्र का वैज्ञानिक अध्ययन करवाया जाए। किसी भी सूरत में पेयजल का उपयोग सिंचाई के लिए नहीं किया जाए और पेयजल के अवैध दोहन पर भी नजर रखी जाए। पुलिस पानी चोरी न होने दे और पानी के उचित प्रबंधन के लिए रेगुलेटरी सिस्टम तैयार किया जाए।
पिंजौर सेब मंडी का निर्माण कार्य अंतिम चरण में, जल्द व्यापार होगा शुरू
139 करोड़ रुपये की लागत से पिंजौर में बन रही सेब, फल व सब्जी मंडी का कार्य अंतिम चरण में है। चार वस्तुओं के लिए विभिन्न शेड का निर्माण किया जा चुका है, इनमें से 1 शेड वातानुकुलित है। 52 दुकानों में से 39 का आवंटन किया जा चुका है, शेष दुकानों की आवंटन प्रकिया चल रही है। जल्द ही इस मंडी में व्यापार होना शुरू हो जाएगा। इसके अलावा, गन्नौर में बनाई जाने वाली अंतरराष्ट्रीय मंडी का जून में मुख्यमंत्री द्वारा शिलान्यास किया जाएगा।
टेंडर में खामियां, सख्त कार्रवाई का आदेश
मुख्यमंत्री ने महाराणा प्रताप बागवानी विश्वविद्यालय परिसर, करनाल की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया कि इस संबंध में पहले जारी टेंडर में कुछ कमियां या गलतियां पाई गई हैं और जिन कर्मचारियों ने ऐसा किया है, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई कर इसका समुचित समाधान निकाला जाए और इस कार्य को जल्द से जल्द पूरा करवाया जाए।
1900 करोड़ रुपये की 12 बड़ी परियोजनाएं पूरी
बैठक में मुख्य सचिव संजीव कौशल ने बताया कि अब तक छह समीक्षा बैठकें हो चुकी हैं और इसके परिणामस्वरूप आज तक 1900 करोड़ रुपये की 12 बड़ी परियोजनाएं पूरी हुई हैं। वर्तमान में 14 विभागों की 90 से अधिक परियोजनाओं पर काम चल रहा है। जिनमें से 45 की आज समीक्षा की गई।