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आईएएस अफसर ने सरकारी नौकरी को कहा अलविदा, वीआरएस की मांग

Wed, 13 Jul 2016 09:20 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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हरियाणा काडर के 2005 बैच के आईएएस अधिकारी विवेक अत्रे
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IAS बनने को हर युवा तरसता है, लेकिन एक ऐसे आईएएस अधिकारी हैं, जिन्होंने सरकारी नौकरी को अलविदा बोल दिया है। ये हैं हरियाणा काडर के 2005 बैच के आईएएस अधिकारी विवेक अत्रे। उन्होंने सरकार को अर्जी देकर स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति की मांग की है। लंबे समय तक चंडीगढ़ में कार्यरत रहे अत्रे हाल ही में पंचकूला डीसी लगे थे। जिसके बाद सरकार ने उन्हें उद्योग विभाग में निदेशक की कमान सौंपी। उनकी ओर से अचानक उठाए गए इस कदम की आईएएस लाबी में भी चर्चा है।
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हैपनिंग हरियाणा समिट के बाद से अत्रे तीन माह की छुट्टी पर चल रहे थे। हालांकि उन्होंने सरकार को अपनी मंशा पहले ही स्पष्ट कर दी थी, लेकिन सरकार उन्हें लोक संपर्क विभाग की कमान सौंपने की तैयारी कर रही थी। इसी बीच उन्होंने वीआरएस की चिट्ठी सरकार को सौंप दी।

अत्रे ने अपनी वीआरएस की अर्जी राज्य के मुख्य सचिव डीएस ढेसी को भेजी है। सूत्र बताते हैं कि सरकार ने उनकी अर्जी मंजूर कर ली है। आवश्यक कार्रवाई के लिए यह अर्जी केंद्रीय कार्मिक मंत्रालय को भेज दी है। वहां से मंजूरी आते ही अत्रे आईएएस की सेवाओं को अलविदा कह देंगे।
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विवेक अत्रे 1991 बैच के एचसीएस अधिकारी

हरियाणा काडर के 2005 बैच के आईएएस अधिकारी विवेक अत्रे
विवेक अत्रे 1991 बैच के एचसीएस अधिकारी थे और 2005 में आईएएस बने। 2008 से 2010 के बीच वे बिना वेतन के लीव पर रहे थे तथा एक निजी कंपनी के लिए उन्होंने काम किया था। अत्रे हरियाणा की आईएएस एवं सीएम की पूर्व अतिरिक्त प्रधान सचिव सुमिता मिश्रा के साथ चंडीगढ़ में साहित्यिक संस्था का संचालन करने में भी योगदान देते रहे हैं।

विधायक की कार्यशैली भी अखर गई थी:

पंचकूला डीसी रहते हुए स्थानीय विधायक द्वारा डीसी आफिस के हाजिरी रजिस्टर चेक किए जाने से भी अत्रे खफा थे। इस बात का रिकार्ड मेें कहीं पर जिक्र नहीं किया गया है, लेकिन प्रशासनिक हलकों में यह बात भी चर्चा का विषय बनी हुई है। विधायक द्वारा की गई यह छापामारी अत्रे को रास नहीं आई थी।

कई अफसर पहले कर चुके हैं अलविदा:

हरियाणा में विवेक अत्रे पहले ऐसे अधिकारी नहीं है जिन्होंने वीआरएस लिया है। इस लिस्ट में पहले भी कई अधिकारी रहे हैं। आईएएस डा. अभय सिंह यादव ने वीआरएस लिया। फिलहाल वे नांगल चौधरी से विधायक हैं। आईजी रणबीर शर्मा वीआरएस लेकर राजनीति की राह पकड़ चुके हैं। हाल ही में आईआरएस सेवाओं को अलविदा कह सुनीता दुग्गल भी सरकार में राजनीतिक पद पर आसीन हैं।
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