हरियाणा विधानसभा 45 दिन में पेपरलेस हो जाएगी। इस बार बजट सत्र की कार्यवाही पूरी तरह ऑनलाइन होगी। तैयारियों का जायजा लेने और कार्य की गति तेज करने के लिए स्पीकर ज्ञान चंद गुप्ता ने गुरुवार को समीक्षा के लिए बनी शीर्ष कमेटी की बैठक ली। इसमें अनेक विधायक और वरिष्ठ अधिकारी शामिल रहे। लोक निर्माण विभाग और एनआईसी अधिकारियों ने सदन का मुआयना किया।
सदन को ई-विधानसभा के रूप में तैयार करने के लिए अत्याधुनिक उपकरण स्थापित करने संबंधी बारीकियों पर चर्चा हुई। इसके साथ ही विस सचिवालय के स्टाफ को डिजिटलाइजेशन का प्रशिक्षण देने के लिए 2 दिवसीय कार्यशाला गुरुवार से शुरू हो गई। इसमें संसदीय सचिवालय की टीम स्टाफ को प्रशिक्षित कर रही है। इसके बाद विधायकों का प्रशिक्षण शुरू होगा।
विधायकों को नई परियोजना के तहत कामकाज में निपुण बनाने के लिए केंद्र सरकार की एजेंसी निक्सी के अधिकारी भी बैठक में मौजूद रहे। यह एजेंसी तीन साल तक प्रशिक्षण देगी। इस काम के लिए विधानसभा में कक्ष तैयार किया गया है। डिजिटल प्रणाली को समझने के लिए विधानसभा कमेटी ने हाल ही में बिहार और अरुणाचल प्रदेश का दौरा किया है।
ज्ञान चंद गुप्ता ने बताया कि विधानसभा की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) संसदीय कार्य मंत्रालय ने मंजूर कर ली है। सरकार ने विभिन्न विभागों से तय किए जा रहे नोडल अधिकारियों का ब्योरा भी मांगा है। इस वर्ष होने वाला बजट सत्र पेपरलेस रहेगा। बैठक के दौरान सदन के बेंच पर लगने वाले डिवाइस और माइक सेट को लेकर व्यापक चर्चा हुई। इन इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों पर सदन की कार्यवाही का पूरा विवरण उपलब्ध रहेगा।
सदन में प्रस्तुत किए जाने वाले विधेयकों पर डिजिटल माध्यम से ही संशोधन प्रस्तुत होंगे। प्रश्नकाल के प्रश्न और जवाब भी इसी माध्यम से आएंगे। डेस्क पर लगे माइक की लंबाई बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। फिलहाल अनुभव में यह आ रहा है कि विधायकों को खड़े होकर अपनी बात रखने में दिक्कत आती है। बैठक में विधानसभा उपाध्यक्ष रणबीर गंगवा, विधायक वरुण चौधरी, नयन पाल रावत, प्रमोद विज, चिरंजीव राव, विधानसभा सचिव राजेंद्र कुमार नांदल मौजूद रहे।