हरियाणा के रण में माह भर चले ताबड़तोड़ प्रचार के दौरान बड़े मुद्दों से लेकर निजी आरोप-प्रत्यारोप का लंबा दौर चला।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, उपाध्यक्ष राहुल गांधी, इनेलो सुप्रीमो ओम प्रकाश चौटाला, शिअद के सरपरस्त प्रकाश सिंह बादल, अध्यक्ष सुखबीर बादल, हजकां सुप्रीमो कुलदीप बिश्नोई समेत भाजपा के कई दिग्गज नेताओं ने कई रैलियां कीं।
सियासी माहिरों के अनुसार मुकाबला चौकोना होने की वजह से जितनी तल्खी इस बार के चुनाव में देखने को मिली, पहले कभी नहीं रही। यह विधानसभा चुनाव पहले हुए चुनाव से कुछ अलग है। हर तरफ से आक्रमण होता दिखाई पड़ा।
मोदी ने कांग्रेस और इनेलो पर साधे निशाने
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सीधे कांग्रेस और इनेलो पर निशाना साधते हुए यह कहकर वोट मांगे कि यदि यहां भाजपा को बहुमत मिलेगा, तभी केंद्र से प्रदेश को कुछ मिल पाएगा। यहां तक कहा कि जेल में बैठे लोगों से बिलकुल हाथ नहीं मिलाएंगे। अमित शाह और नवजोत सिद्धू भी निजी आरोपों से पीछे नहीं हटे।
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी व राहुल गांधी ने मोदी सरकार को इसकी कार्यशैली के लिए आडे़ हाथों लिया। कहा कि मोदी सिर्फ बातें करते हैं, जमीनी काम नहीं। उन्होंने एनडीए सरकार के अब तक के कार्यकाल को असफल करार दिया। हरियाणा के मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने विकास के नाम पर वोट मांगे।
इनेलो सुप्रीमो ओम प्रकाश चौटाला जमानत पर बाहर आए हुए थे। उन्होंने जमानत रद होने तक जमकर प्रचार किया और कहा कि उन्होंने बेरोजगारों को नौकरी दी, इसलिए सियासी विरोधियों ने मामला दर्ज करवाकर जेल भिजवाया। चौटाला ने इस तरह की बातें करके लोगों की सहानुभूति हासिल करने की कोशिश की।
बादल ने एचएसजीएमसी को बनाया मुद्दा
पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल और शिअद अध्यक्ष सुखबीर बादल ने एचएसजीएमसी मुद्दे पर तो हरियाणा कांग्रेस को घेरा ही, पूर्व उप प्रधानमंत्री चौधरी देवी लाल के नाम को भुनाने की भी पूरी कोशिश की। उन्होंने चौटाला के जेल जाने को विरोधियों की शरारत करार देते हुए, उनके प्रति सहानुभूति लेने की कोशिश की।
प्रचार के आखिरी दिन सोमवार को तो बादल व सुखबीर का आक्रामक रुख और कड़ा हो गया। सुखबीर ने यहां तक कहा कि लोग चौटाला सरकार बनाने का मन बना चुके हैं तथा सर्वे फर्जी हैं, बहुमत इनेलो-शिअद गठबंधन को ही मिलेगा। शिअद महासचिव बिक्रम सिंह मजीठिया व अन्य नेताओं ने भी चौटाला के नाम पर जमकर प्रचार किय।
हजकां सुप्रीमो कुलदीप बिश्नाई के निशाने पर भाजपा व कांग्रेस रहे। उन्होंने भाजपा को धोखेबाज तो कांग्रेस को लोक विरोधी करार दिया। कुल मिलाकर जबरदस्त प्रचार के बाद अब गेंद जनता के पाले में है। 15 को मतदान के बाद 19 को होने वाली मतगणना उम्मीदवारों के भाग्य का पिटारा खोल देगी।