फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अब ज्यादा समय तक ऐसे खूबसूरत रहेगा चेहरा

Tue, 14 Oct 2014 01:46 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
विज्ञापन
विज्ञापन
कई बार चेहरे में गड्ढे पड़ जाते हैं या फिर चेहरे का मांस नीचे लटकने लगता है। इसका सिर्फ एक ही इलाज है फैट ग्राफ्टिंग। यानी शरीर के एक हिस्से से फैट निकाल कर फेस में लगा देना। हालांकि इसका असर काफी कम समय तक रहता है। आठ महीने से एक साल के अंदर इसका असर खत्म हो जाता है।
विज्ञापन


अब पीजीआई ने इसके असर को बढ़ाने के लिए एक नई तरीके पर काम करना शुरू कर दिया है। पीजीआई के असिस्टेंट प्रोफेसर डा. सुनील गाबा के मुताबिक नए प्रोजेक्ट के तहत अब फैट के साथ स्ट्रामल वस्कुलर फ्रेक्शन (एसवीएफ) का इस्तेमाल किया जाएगा।

इससे शरीर में फैट दोगुने समय तक टिकता है। कुछ दिन पहले ही प्रोजेक्ट को शुरू किया गया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह प्रयोग सफल होगा।
विज्ञापन

मरीज को यह होगा फायदा

डा. गाबा ने बताया कि मरीज एक दिन में ही अस्पताल वापस जा सकता है। इससे डेढ़ से दो  साल का वक्त निकल सकता है। पीजीआई में तो इसके इलाज में बहुत ही कम खर्चा आता है।

वे कुछ मरीजों में सिर्फ फैट व फैट और पीआरपी का इस्तेमाल कर रिसर्च कर रहे हैं। ये रिसर्च लगभग पूरी हो चुकी है। इसमें फैट व पीआरपी के इलाज में ज्यादा अंतर नहीं मिला है।

क्या होता है एसवीएफ:
स्ट्रामल वस्कुलर फ्रेक्शन स्टेम सेल की तरह ही होता है। ये स्टेम सेल की तरह टिश्यू निर्माण में अहम भूमिका निभाता है। स्टेम सेल तैयार करने में तीन दिन का वक्त लगता है जबकि स्ट्रामल वस्कुलर फ्रेक्शन कुछ समय में ही तैयार किया जा सकता है। विशेषज्ञ इसे स्टेम सेल के पहले की विधि भी कहते हैं।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें