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हरियाणा के चुनाव परिणाम की 4 खास बातें

Mon, 20 Oct 2014 01:15 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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हरियाणा के सियासी समर में सियासी दिग्गज सिर्फ अपने गढ़ तक ही सिमट कर रह गए। देवी लाल की पार्टी इनेलो ने जहां अपने गढ़ सिरसा, जींद और फतेहाबाद में शानदार प्रदर्शन किया वहीं हजकां सिर्फ पति-पत्नी की ही पार्टी बनकर रह गई।
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मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा अपना गढ़ रोहतक, सोनीपत और झज्जर बचाने में कामयाब रहे। वहीं हलोपा प्रमुख गोपाल कांडा और हजपा प्रमुख विनोद शर्मा की पार्टी अपना खाता भी नहीं खोल पाईं।  

पिछले विधानसभा चुनाव में शानदार प्रदर्शन करने वाली इनेलो इस बार अपने गढ़ तक ही सिमट कर रह गई। पार्टी ने सिरसा में सभी पाचों सीटें जीतीं वहीं जींद में पांच में से तीन और फतेहाबद में तीन में दो सीटें जीतने में कामयाब रही।
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चुनावी प्रचार के दौरान ओम प्रकाश चौटाला के जेल से आकर प्रचार करने के बाद भी सूबे में पार्टी को कोई खास लाभ नहीं हुआ हालांकि अपने घर में पार्टी को इसका लाभ मिला।

गोपाल कांडा, विनोद शर्मा हारे

सिरसा में इनेलो के पार्टी प्रत्याशी मक्खनलाल सिंगला ने हलोपा प्रमुख गोपला कांडा को हराया, जबकि ऐलनाबाद बाद से अभय चौटाला जीतने में कामयाब रहे। वहीं डबवाली में अजय चौटाला की पत्नी नैना चौटाला ने जीत हासिल की और रानियां से इनेलो के रामचंद कंबोज जीते। कालांवली से इनेलो-शिअद गठबंधन के बलकौर सिंह विजयी रहे।

इसके साथ जींद की पांच में तीन सीटों पर इनेलो ने जीत हासिल की इनमें जुलाना, जींद और नरवाना शामिल हैं। हालांकि उचाना कलां से ताऊ देवीलाल के पड़पोते और ओम प्रकाश चौटाला के पोते हिसार से सांसद दुष्यंत चौटाला अपनी सीट नहीं बचा पाए।

पति-पत्नी ने बचाई हजकां

फतेहाबाद में इनेलो ने तीन में फतेहाबाद और रतिया में जीत हासिल की।

हरियाणा के दिग्गज नेता भजनलाल के बेटे और हजकां प्रमुख कुलदीप बिश्नोई अपने घर पर ही सिमट कर रह गए। वह पति-पत्नी सिर्फ अपनी सीट बचाने में कामयाब रहे कुलदीप बिश्नोई ने जहां आदमपुर से जीत हासिल की वहीं उनकी पत्नी रेणुका बिश्नोई हांसी से जीतीं जबकि उनके भाई चंद्रमोहन नलवा से चुनाव हार गए।
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सीएम ने गढ़ बचाया

हरियाणा विधानसभा चुनाव में एक मात्र स्टार प्रचारक बनकर पूरे सूबे को मथने वाले मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा भले ही अपनी सीएम की कुर्सी गंवा बैठे हों लेकिन वह अपने गढ़ को बचाने में कामयाब रहे। उन्होंने न सिर्फ रोहतक में तीन सीटें बचाईं सोनीपत और झज्जर में भी उनकी पार्टी का प्रदर्शन बेहतर रहा। हालांकि वह अपने घर की सीट रोहतक को नहीं बचा पाए।

रोहतक जिले की महम सीट पर जहां कांग्रेस प्रत्याशी आनंद सिंह दांगी जीतने में कामयाब रहे वहीं कलानौर से कांग्रेस की शकुंतलाखटक और गढ़ी सांपाला किलोई से खुद मुख्यमंत्री ने करीब 47125 वोटों से जीत हासिल की।

सोनीपत जिले में काग्रेस ने छह सीटों में से पांच सीटों पर जीत हासिल की इनमें गोहाना, गन्नौर, राई, बरौदा और खरखौदा शामिल हैं। उधर, झज्जर में कांग्रेस चार में दो सीटें हासिल करने में सफल रही इनमें बेरी और झज्जर की शामिल हैं।
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