उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और पूर्व पंजाब कांग्रेस प्रभारी हरीश रावत ने फिर कैप्टन अमरिंदर सिंह पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि पंजाब में कैप्टन को निराशा मिल रही है। वह कितना भी प्रयास कर लें, पंजाब में कांग्रेस की जीत निश्चित है। यह बात उन्होंने मंगलवार को केदारनाथ दौरे पर निकले मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और नवजोत सिंह सिद्धू से मुलाकात के बाद कही।
इससे पहले हरीश रावत ने कैप्टन के इस्तीफे को लेकर भी तंज कसा था। उन्होंने कहा था कि कांग्रेस ने कैप्टन को तीन बार पंजाब का प्रधान और दो बार मुख्यमंत्री बनाया। ऐसे में अमरिंदर का अपमान कैसे हुआ। हरीश रावत अमरिंदर सिंह के भाजपा के साथ चले जाने पर उनके धर्मनिरपेक्षता पर भी सवाल उठा चुके हैं।
पंजाब की सियासत में यह भी चर्चा है कि कैप्टन को हटाने में हरीश रावत का बहुत बड़ा योगदान रहा है। हरीश रावत ने आम आदमी पार्टी, अकाली दल और भाजपा पर भी तंज कसा है। उन्होंने आप को बिखरी हुई पार्टी बताया है। भाजपा के लिए उन्होंने कहा कि पंजाब में उसका कोई वजूद नहीं है। अकाली दल के नेता पंजाब के लोगों में अपनी विश्वसनीयता खो चुके हैं, ऐसे में अब पंजाब में कांग्रेस की जीत का रास्ता पूरी तरह से साफ हो चुका है। उन्होंने यह भी कहा कि पंजाब में आल इज वेल है।
सिद्धू बोले- जहां धर्म वहीं जीत
हरीश रावत से मुलाकात के बाद कांग्रेस प्रधान नवजोत सिंह सिद्धू ने कहा कि जहां धर्म होगा जीत वहीं होगी। उन्होंने कहा कि वह मुख्यमंत्री के साथ महाकाल से आशीर्वाद लेने जा रहे हैं। आशीर्वाद में वह पंजाब की खुशहाली मांगेगे। चन्नी और उनके बीच चल रहे मनमुटाव पर सिद्धू कुछ नहीं बोले।
चन्नी-सिद्धू की यात्रा पर जाखड़ का तंज
मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और कांग्रेस प्रधान नवजोत सिंह सिद्धू की केदारनाथ यात्रा पर पूर्व कांग्रेस प्रधान सुनील जाखड़ ने तंज किया है। उन्होंने ट्वीट कर दोनों को सियासी श्रद्धालु बताया है। उन्होंने यह सवाल भी किया है कि किसको मनाने के लिए यह यात्रा की जा रही है। उधर, लुधियाना से कांग्रेस सांसद रवनीत बिट्टू ने एक फोटो ट्वीट कर बड़ा सवाल दाग दिया। उन्होंने कहा कि पंजाब कांग्रेस का यह युनाइटेड चेहरा उत्तराखंड में दिख रहा है, पंजाब में क्यों नहीं।