एक अक्तूबर से शुरू होने जा रही धान की खरीद के मद्देनजर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मंगलवार को धान की निर्विघ्न और सुचारु ढंग से खरीद करने के उद्देश्य से तैयारियों का जायजा लिया। चंडीगढ़ में आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों की सख्त मेहनत से पैदा किया फसल का एक-एक दाना खरीदा जाएगा। धान की तत्काल खरीद पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने पहले दिन से ही धान की खरीद, लिफ्टिंग और किसानों को बेची गई फसल की अदायगी करने का आदेश दिया। उन्होंने किसानों को कोई भी मुश्किल पेश आने पर सख्त कार्रवाई करने की चेतावनी भी दी।
खरीद एजेंसियों के अधिकारियों के साथ बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने राज्य की खरीद एजेंसियों और भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) को आगामी सीजन में धान की खरीद के लिए पूरी तरह मुस्तैद रहने का आदेश दिया। उन्होंने कहा कि राज्य ने खरीद सीजन के लिए उचित बारदाने का पहले ही बंदोबस्त कर दिया है और सभी मंडियों में इसकी अपेक्षित सप्लाई करने का आदेश दिया है। मंडी बोर्ड ने राज्य भर में 1,804 खरीद केंद्र अधिसूचित किया है। मंडियों में धान के अंबार लग जाने की स्थिति से बचने के लिए फसल खरीदने के लिए अस्थायी खरीद केंद्रों की शिनाख्त की जा रही है।
बैठक में फैसला किया गया कि पिछले सालों के उलट इस साल राज्य में किसी भी शैलर में अस्थायी मंडी स्थापित नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को बेमौसम बारिश के कारण मंडियों में पैदा होने वाली स्थिति से निपटने और बारिश रुकने के 24 घंटों के अंदर-अंदर धान के खरीद कार्यों की बहाली को सुनिश्चित करने के लिए निर्धारित संचालन प्रणाली ( एसओपी) विकसित करने का आदेश दिया है।
आटोमैटिक सॉफ्टवेयर से चावल मिलों को मंडियों से जोड़ा जा रहा
विभाग ने मुख्यमंत्री को जानकारी दी कि मंत्रिमंडल की तरफ से मंजूर पंजाब कस्टम मिलिंग पॉलिसी 2022-23 के अंतर्गत सभी चावल मिलों में मिलों की ई-वेरिफिकेशन की जा रही है। इसके अंतर्गत अब तक 3,854 मिलों की ऑनलाइन तस्दीक की जा चुकी है। बैठक के दौरान बताया गया कि पहली बार कम से कम दूरी के सिद्धांत के आधार पर आटोमैटिक सॉफ्टवेयर के जरिये चावल मिलों को मंडियों से जोड़ा जा रहा है, जिससे राज्य सरकार के लिए अच्छी बचत होगी।
खरीद कार्यों के प्रबंधों पर तसल्ली जाहिर करते हुए मुख्यमंत्री ने ट्रांसपोर्टरों, आढ़तियों, मार्केट कमेटियों और मिलरों के जीपीएस सुमेल वाले डिजिटल गेट पास बनाने का भी आदेश दिया। उन्होंने डीजीपी को राज्य भर में खास कर सरहदी जिलों में पुलिस नाके लाने के लिए कहा। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि अगर धान की फसल लेकर जा रहा ट्रक मंडी बोर्ड के पोर्टल पर पंजीकृत नहीं है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।