चंडीगढ़ प्लाजा में गर्ल एजूकेशन पर आधारित नाटक का मंचन
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20 मिनट लगाए और 6 कलाकारों ने प्लाजा में जीवंत कर दिया बेटियों का संसार। साथ ही लोगों को समझा दिया कि लड़कियों को पढ़ाना जरूरी क्यों होता है? नाटक का मंचन सेक्टर 17 प्लाजा में किया गया। कहते हैं कि अगर एक पुरुष पढ़ता है तो केवल वही शिक्षित होता है लेकिन जब एक महिला पढ़ती है तो पूरा परिवार शिक्षित होता है। कुछ ऐसा ही दिखाया गया नुक्कड़ नाटक ‘इच वन टीच वन’ में।
इसका मंचन शनिवार को सेक्टर 17 स्थित प्लाजा में हुआ। यह नाटक चंडीगढ़ आर्ट थिएटर और गुरुकुल विद्यापीठ द्वारा करवाया गया। नाटक में दो कहानियों को पेश किया गया। इनमें महिलाओं को अपने अधिकारों के लिए खुद आगे आने का संदेश दिया गया और इसके लिए लड़कियों का शिक्षित होना सबसे जरुरी बताया गया है। वहीं दूसरी कहानी शिक्षा के बाजारीकरण पर आधारित थी। दोनों कहानियों में वर्तमान समय की शिक्षा प्रणाली पर व्यंग्य कसा गया।
20 मिनट की अवधि वाले इस नुक्कड़ नाटक का निर्देशन रंजीत रॉय ने किया। वह पिछले 11 साल से थिएटर से जुड़े हुए हैं। कोलकाता में पैदा हुए रंजीत रॉय बताते हैं कि मैं शुरू से ही समाज के लिए काम करना चाहता था। इसके लिए मैं आर्मी में जा सकता था या फिर किसी और क्षेत्र में। लेकिन मुझे थिएटर लाइन समाज के लिए कुछ नया करने के लिए सबसे बेहतर लगी और मैंने इसी में अपना भविष्य बनाने के बारे में सोचा।
इन कलाकारों ने लिया भाग
नाटक में कलाकारों ने अपने दमदार अभिनय से एक-एक किरदार को जीवंत कर दिया। इसमें 6 कलाकारों ने भाग लिया। इनमें कोमल शर्मा, भावना सेठ, दीपक झा, सिद्धार्थ, निखिल अरोड़ा और रंजीत रॉय शामिल थे।