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गुरप्रीत सिंह सेखों की सजा हुई अंडरगोन, नाभा जेल ब्रेक केस में भी मुख्य आरोपी है गैंगस्टर

Tue, 27 Aug 2019 03:03 PM IST
खुशबू गोयल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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2012 के एक फायरिंग मामले में गैंगस्टर गुरप्रीत सिंह सेखों की सजा को जेएमआईसी कौशल सिंगला की अदालत ने अंडरगोन (जितनी जेल वह काट चुका है उतनी ही सजा) कर दिया है। गुरप्रीत सिंह को टाइट सिक्योरिटी के बीच पंजाब पुलिस ने प्रोडक्शन वारंट पर सोमवार को जिला अदालत में पेश किया गया। फिरोजपुर निवासी 26 वर्षीय गैंगस्टर गुरप्रीत पर आईपीसी की धारा 336 और आर्म्स एक्ट की धारा 25, 27, 54, 59 के तहत केस दर्ज था।
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पुलिस के मुताबिक, मामला 31 अगस्त 2012 का है। पंजाब पुलिस को सूचना मिली थी कि फाजिल्का गैंग के दो गैंगस्टर गुरप्रीत सिंह और गुरशेर सिंह उर्फ गुरशहीद सिंह चंडीगढ़ में है। इस पर फिरोजपुर पुलिस के इंस्पेक्टर दलबीर गैंगस्टर पीछा करते हुए सेक्टर-34 चंडीगढ़ गुरुद्वारा के पास पहुंचे तो शाम करीब 4.15 बजे एक सफेद फॉर्च्यूनर कार मौके पर आई। जिसमें गुरप्रीत सिंह सेखों मौजूद था।

जब इंस्पेक्टर दलबीर ने पीछा किया तो गुरप्रीत ने हवा में तीन फायरिंग करते हुए सेक्टर-44 की तरफ भागा। वहां से मोहाली के तरफ भागते हुए फरार हो गया। इंस्पेक्टर दलबीर सिंह की शिकायत पर एफआईआर दर्ज की गई थी। फिरोजपुर पुलिस को पहले ही उनकी तलाश थी। इसके बाद पुलिस ने सेखों के खिलाफ केस दर्ज कर 18 नवंबर 2014 को गिरफ्तार किया था।
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सोमवार को अदालत ने उसे दोषी करार देते फायरिंग वाले मामले में सजा को अंडरगोन कर दिया। इसके बाद पंजाब पुलिस वापस लेकर चली गई।
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