दूसरी तरफ, पुलिस अब यह भी पता लगाने में लगी है कि आखिर वह भागने के बाद कहां ठहरे थे। किन लोगों ने उनकी मदद की थी। हालांकि आरोपी टीनू विदेश भाग गया है या अभी तक अपने देश में ही है, इस संबंधी पुलिस के पास कोई पुख्ता जानकारी नहीं है। वहीं, सूत्रों के अनुसार आरोपी फर्जी दस्तावेजों के सहारे विदेश पहुंच गया है। पुलिस की कोशिश यही है कि किसी तरह उसका पता लगाया जाए।
दामन दागदार फिर भी दी थी अहम जिम्मेदारी
सूत्रों से पता चला है कि प्रितपाल सिंह पर भी शुरू से ही गंभीर आरोप लगते रहे हैं। यहां तक कि कुछ मामले उच्च अदालत तक भी पहुंचे थे। अदालत ने तो यहां तक हिदायत दी थी कि इस व्यक्ति को कोई भी अहम जिम्मेदारी न सौंपी जाए। ऐसे में उसे सीआईए स्टाफ की जिम्मेदारी सौंपने पर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि पुलिस के सीनियर अधिकारियों की माने तो उनके ध्यान में अभी तक यह मामला नहीं है। अगर ऐसी कोई बात है तो उसकी भी पड़ताल करवाई जाएगी।
रिमांड के बहाने चल रही थी रणनीति
टीनू ने जेल के अंदर से ही भागने की रणनीति बनाई थी। उसे चार जुलाई को तिहाड़ जेल से पुलिस प्रोडक्शन वारंट पर लेकर आई थी। इसके बाद उसका रिमांड शुरू हुआ। सूत्रों के मुताबिक इसी समय में टीनू ने सीआईए इंचार्ज से नजदीकी बढ़ाई थी। साथ ही उसे कई तरह के सपने दिखाए थे। इसी चक्कर में वह उसके प्रलोभन में आ गया। साथ ही उसके कहने के मुताबिक चलता रहा। पुलिस एक के बाद एक केस में उसे रिमांड में लेती रही। आरोपी मौका पाकर वहां से फरार हो गया।