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Punjab: जीरकपुर में रहती थी टीनू की महिला मित्र, पेशे से मेकअप आर्टिस्ट, भागने की रणनीति में थी शामिल

Mon, 10 Oct 2022 08:32 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

मानसा का पूर्व सीआईए इंचार्ज प्रितपाल सिंह आरोपी टीनू को सीआईए स्टाफ से अपने फ्लैट पर लेकर गया था। जहां पर पहले से ही प्लानिंग के मुताबिक उसकी महिला मित्र भी मौजूद थी। इसके बाद गैंगस्टर और वे दोनों मौका पाकर कार में फरार हो गए थे।
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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी महिला। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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गैंगस्टर दीपक टीनू को पुलिस कस्टडी से फिल्मी स्टाइल में भगाने की सारी रणनीति में मुंबई से गिरफ्तार की गई उसकी महिला मित्र शामिल थी। रणनीति को कामयाब बनाने के लिए वह काफी समय से टीनू के साथ जुटी हुई थी। दोनों फोन पर लगातार संपर्क में रहते थे। कस्टडी से भागने के लिए कार से लेकर अन्य सारे इंतजाम भी गिरफ्तार महिला मित्र ने खुद किए थे, जबकि टीनू ने सीआईए इंचार्ज को साधा था। 

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सोमवार को इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (आईजीपी) हेडक्वार्टर डॉ. सुखचैन सिंह गिल ने कहा कि गिरफ्तार युवती से पूछताछ में कई अहम सुराग हाथ लगे हैं। टीनू की महिला मित्र और सीआईए इंचार्ज प्रितपाल सिंह एक-दूसरे को कितना जानते हैं, इसकी पड़ताल की जा रही है।

पुलिस के मुताबिक टीनू की महिला दोस्त पेशे से मेकअप आर्टिस्ट है। वह जीरकपुर के एक फ्लैट में काफी समय में रह रही थी। मानसा का पूर्व सीआईए इंचार्ज प्रितपाल सिंह आरोपी टीनू को सीआईए स्टाफ से अपने फ्लैट पर लेकर गया था। जहां पर पहले से ही प्लानिंग के मुताबिक उसकी महिला मित्र भी मौजूद थी। इसके बाद गैंगस्टर और वे दोनों मौका पाकर कार में फरार हो गए थे। उन्होंने जाते समय केवल उन्हीं रास्तों को चुना था, जहां से वह आसानी से निकल पाए। 

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दूसरी तरफ, पुलिस अब यह भी पता लगाने में लगी है कि आखिर वह भागने के बाद कहां ठहरे थे। किन लोगों ने उनकी मदद की थी। हालांकि आरोपी टीनू विदेश भाग गया है या अभी तक अपने देश में ही है, इस संबंधी पुलिस के पास कोई पुख्ता जानकारी नहीं है। वहीं, सूत्रों के अनुसार आरोपी फर्जी दस्तावेजों के सहारे विदेश पहुंच गया है। पुलिस की कोशिश यही है कि किसी तरह उसका पता लगाया जाए। 

दामन दागदार फिर भी दी थी अहम जिम्मेदारी
सूत्रों से पता चला है कि प्रितपाल सिंह पर भी शुरू से ही गंभीर आरोप लगते रहे हैं। यहां तक कि कुछ मामले उच्च अदालत तक भी पहुंचे थे। अदालत ने तो यहां तक हिदायत दी थी कि इस व्यक्ति को कोई भी अहम जिम्मेदारी न सौंपी जाए। ऐसे में उसे सीआईए स्टाफ की जिम्मेदारी सौंपने पर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि पुलिस के सीनियर अधिकारियों की माने तो उनके ध्यान में अभी तक यह मामला नहीं है। अगर ऐसी कोई बात है तो उसकी भी पड़ताल करवाई जाएगी।

रिमांड के बहाने चल रही थी रणनीति
टीनू ने जेल के अंदर से ही भागने की रणनीति बनाई थी। उसे चार जुलाई को तिहाड़ जेल से पुलिस प्रोडक्शन वारंट पर लेकर आई थी। इसके बाद उसका रिमांड शुरू हुआ। सूत्रों के मुताबिक इसी समय में टीनू ने सीआईए इंचार्ज से नजदीकी बढ़ाई थी। साथ ही उसे कई तरह के सपने दिखाए थे। इसी चक्कर में वह उसके प्रलोभन में आ गया। साथ ही उसके कहने के मुताबिक चलता रहा। पुलिस एक के बाद एक केस में उसे रिमांड में लेती रही। आरोपी मौका पाकर वहां से फरार हो गया।
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