फुल कोर्ट की अध्यक्षता मुख्य न्यायाधीश करते हैं और इसमें हाईकोर्ट के सभी जज हिस्सा लेते हैं। बैठक में न्याय प्रदान करने, अधीनस्थ न्यायपालिका से संबंधित न्यायिक अधिकारियों और अन्य संबंधित मुद्दों पर चर्चा करने का काम किया जाता है। बैठक के दौरान स्थानांतरण, पोस्टिंग, पदोन्नति और न्यायिक अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई जैसे निर्णय लिए जाते हैं।
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट की फुल कोर्ट ने भ्रष्टाचार व अनुशासनहीनता पर एक और प्रहार करते हुए लुधियाना के सिविल जज जूनियर डिवीजन राजीव गर्ग को निलंबित कर दिया है। इससे पहले बीते माह हाईकोर्ट ने पंजाब की एक जज सचल बब्बर को बर्खास्त करने की सिफारिश भी की थी।
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फुल कोर्ट में चर्चा के दौरान राजीव गर्ग के खिलाफ आई विभिन्न शिकायतों और इन शिकायतों की हाईकोर्ट की विजिलेंस से करवाई गई जांच को लेकर चर्चा की गई। इस दौरान कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश ने लुधियाना के दौरे से जुड़े अपने अनुभव को साझा किया। इस दौरान उन्हें राजीव गर्ग के काम में काफी खामियां मिली थीं। इन सभी पर विचार के बाद फुल कोर्ट ने उन्हें निलंबित करने का निर्णय लिया है और निलंबन के दौरान उनका हेडक्वार्टर नवांशहर बनाया गया है।
किसी भी न्यायिक अधिकारी के खिलाफ कोई कार्रवाई से पहले हाई कोर्ट अपनी विजिलेंस कमेटी से जांच करवा कर उसकी रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई करती है। पिछले महीने फुल कोर्ट ने पंजाब कैडर की अधिकारी सचल बब्बर को बर्खास्त करने की संस्तुति की थी। पंजाब कैडर के अधिकारी बब्बर बठिंडा में सिविल जज (जूनियर डिवीजन) के पद पर तैनात थीं।