मलिक ने कहा कि केवल सेना के बजट को देखते हुए ही यह योजना नहीं बनाई गई है, बल्कि सामाजिक, आर्थिक और भविष्य की चुनौतियों को देखते हुए यह योजना दो साल में तैयार की गई है। क्योंकि भविष्य में टेक्नालॉजी का प्रयोग अधिक होगा। इसी सोच को ध्यान में रखते हुए सीनियर सैन्य अधिकारियों ने यह योजना जारी है।
अग्निपथ के तहत हर साल 46 हजार युवाओं की होगी भर्ती
दो साल से सेना में भर्ती रुके होने के सवाल पर जनरल मलिक ने कहा कि इस स्कीम के तहत हर साल 46 हजार युवाओं की भर्ती की जाएगी। उन्होंने कहा कि हर साल करीब 50 हजार सेना के जवान सेवानिवृत्त होते हैं, इसलिए इन खाली होने वाले पदों को भरने के लिए यह स्कीम गई है। यहां तक चार साल की नौकरी के बाद भविष्य की चिंता की बात है तो सेना के उम्मीदवारों को नौकरियों की चिंता नहीं करनी चाहिए, क्योंकि सरकार ने पुलिस और अर्धसैनिक बलों में प्रवेश का आश्वासन दिया है। बड़ी संख्या में निजी क्षेत्र में शामिल किया जाएगा।