ट्रेन रद्द होने के बाद यात्री मोबाइल पर व्यस्त दिखे। कोई लूडो खेल रहा था तो कोई वेब सीरीज देखने में व्यस्त था। वहीं, महिलाएं बच्चों को संभालती दिखी। यात्रियों को यही चिंता सताए जा रही थी कि कैसे अपने घर तक पहुंचेंगे।
क्या कहते हैं यात्री
जन शताब्दी पकड़ी... चंडीगढ़ आकर 12 घंटे तक फंसे रहे
बिहार के गोपालगंज निवासी ब्रिजेश कुमार सिंह और अविनाश ने बताया कि भारत बंद के चक्कर में बस छोड़कर विकल्प के रूम में दिल्ली के लिए जन शताब्दी को चुना। उन्होंने बताया कि 7.20 बजे मोहाली से ट्रेन चंडीगढ़ के लिए निकली। राहत मिली कि अब तो शुक्रवार को अपने घर समय से पहुंच जाएंगे लेकिन ट्रेन चंडीगढ़ आकर रुक गई। पूरे दिन यहां फंसे रहे। दिल्ली की ट्रेन भी छूट गई। अब घर जाने के लिए दिल्ली से सीवान तक धक्के खाने पड़ेंगे।
शताब्दी में रह गई दूध की बोतल, बिलखता रहा बच्चा
विमलेश और पूजा ने बताया कि स्पेशल कालका नई दिल्ली शताब्दी से उन्हें दिल्ली तक जाना था लेकिन बीच रास्ते में कालका से चंडीगढ़ में आकर वे फंस गए। साथ में दो साल का बच्चा भी है। जब ट्रेन रद्द होने की सूचना मिली तो सामान उतारने के चक्कर में बेटे की दूध की बोतल ट्रेन में ही छूट गई। 10 मिनट बाद जाकर देखा तो बोतल गायब थी। काफी देर तक बच्चा दूध के लिए बिलखता रहा। करीब एक किमी पैदल जाकर मार्केट से दूध की बोतल खरीदकर लाए। उधर, नई दिल्ली से गया जंक्शन जाने के लिए महाबोधि ट्रेन में टिकट बुक कराया था, वह ट्रेन भी छूट गई।