अमृतसर में बार्डर सिक्योरिटी फोर्स के खासा हेडक्वार्टर में रविवार सुबह ड्यूटी से नाराज एक जवान ने अपने ही साथियों पर फायरिंग कर दी। अपने साथियों पर फायरिंग करने के बाद जवान ने खुद को भी गोली मार ली। गोलीबारी में आरोपी समेत पांच जवानों की मौत हो गई है।
जानकारी के मुताबिक अमृतसर से करीब 13 किलोमीटर दूर स्थित बीएसएफ खासा हेडक्वार्टर में बीएसएफ की 144 बटालियन तैनात है। जानकारी के अनुसार, ड्यूटी के लिए कर्नाटक निवासी कांस्टेबल सत्तेप्पा एसके अपने कुछ साथियों से नाराज चल रहा था। रविवार सुबह बीएसएफ कैंपस में जवानों के लिए बनाई मेस में जवान नाश्ता कर रहे थे। इस दौरान सत्तेप्पा अपने हाथों में सर्विस राइफिल लेकर वहां पहुंचा और उसने बिहार के हवलदार राम विनोद, महाराष्ट्र के रहने वाले हवलदार तोरस्कर डीएस, जम्मू एवं कश्मीर के रहने वाले हवलदार रतन सिंह और पानीपत (हरियाणा) के रहने वाले हवलदार बलजिंदर कुमार सहित अन्य पर फायरिंग शुरू कर दी। इससे दो जवानों की मौके पर ही मौत हो गई थी।
सत्तेप्पा ने अपने साथियों पर अंधाधुंध फायरिंग करने के बाद खुद को भी गोली मार ली। सत्तेप्पा और फायरिंग में जख्मी हुए कांस्टेबल राहुल सहित तीन अन्य कर्मचारियों को गुरु नानक देव अस्पताल में ले जाया गया, जहां सत्तेप्पा की भी मौत हो गई। इस फायरिंग में हवलदार राम विनोद, तोरस्कर डीएस, रतन सिंह तथा बलजिंदर कुमार की मौत हो गई। जबकि राहुल सहित बीएसएफ के तीन अन्य कर्मचारियों की हालत गंभीर बनी हुई है।
जानकारी के अनुसार, कांस्टेबल सत्तेप्पा से ज्यादा ड्यूटी ली जा रही थी। इसे लेकर वह परेशान था। ड्यूटी को लेकर ही इस कांस्टेबल की शनिवार को अपने एक अधिकारी से बहस भी हुई थी। अस्पताल में घायल बेटे के पास मौजूद उमा देवी ने बताया कि उनका बेटा राहुल रविवार सुबह नाश्ता करके ड्यूटी पर गया था, जहां एक पागल कर्मचारी ने अंधाधुंध फायरिंग कर दी। इसमें कई लोगों की मौत हो गई जबकि उनका बेटा गंभीर रूप से जख्मी हो गया। वहीं दूसरी तरफ मौके पर पहुंचे बार्डर सिक्योरिटी फोर्स के आईजी स्तर के अधिकारी ने आपसी झगड़ा या ड्यूटी विवाद नहीं होने की बात कहते हुए बताया कि इसमें कोर्ट आफ इंक्वायरी के आदेश दिए गए हैं। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि इसमें पुलिस भी जांच कर रही है।
सांसद औजला ने किया ट्वीट
अमृतसर से लोकसभा सदस्य गुरजीत सिंह औजला ने ट्वीट किया कि पंजाब फ्रंटियर पर बीएसएफ जवानों से ली जाने वाली ज्यादा ड्यूटी को लेकर भारत सरकार के गृह मंत्रालय को लिखा था। इस ट्वीट में औजला ने लिखा कि उन्होंने इस बारे में लोकसभा में भी मुद्दा उठाया था और प्रधानमंत्री कार्यालय को सीमा पर जवानों की ड्यूटी को रिव्यू करने को कहा था जिसकी ओर ध्यान नहीं दिया गया।