मानसा में सिद्धू मूसेवाला की पहली बरसी की तैयारियां
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प्रसिद्ध पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की सोमवार को पहली बरसी है। इसे लेकर रविवार को गांव जवाहरके में सहज पाठ के भोग डाले गए। इसी गांव में पिछले साल 29 मई को गोलियां बरसाकर मूसेवाला की हत्या कर दी गई थी।
मूसेवाला के बरसी समागम को लेकर गांव जवाहरके में सहज पाठ के भोग डाले गए जिसमें देश-विदेश से संगत पहुंची और माथा टेका। इस दौरान मूसेवाला की माता भी गांव जवाहरके पहुंची और बेटे को यादकर भावुक हो गई। संगत के लिए लंगर का इंतजाम किया गया था। लखन पाल ने कहा कि वह सिद्धू मूसेवाला परिवार के साथ हैं और उनके संघर्ष में उनका साथ देंगे। गांव जवाहर के पूर्व सरपंच राजिंदर सिंह ने कहा कि वह भी मूसेवाला परिवार के साथ खड़े हैं।
मूसेवाला की पहली बरसी पर विदेशों में भी होंगे समागम
मूसेवाला के बरसी पर विदेशों में भी समागम मनाए जाएंगे। इसके अलावा मानसा के गांवों में श्री सुखमणि साहब के पाठ करवाए जा रहे हैं। मूसेवाला को याद करते हुए कई क्लबों और संस्थाओं की ओर से पक्षियों के लिए पेड़ों पर घोंसले लगाने, मीठे पानी की छबील, खूनदान कैंप और समाज सेवा के अन्य कार्य शुरू किए गए हैं।
सिद्धू मूसेवाला की 'लास्ट राइड' गांव जवाहरके में श्री गुरु गोबिंद सिंह सेवा क्लब जवाहरके की ओर से विशाल समागम करवाया जाएगा। जवाहरके के पूर्व सरपंच राजिंदर सिंह जवाहरके ने बताया कि मूसेवाला की लास्ट राइड स्थान को देखने के लिए देश-विदेश और पंजाब के कोने-कोने से हर दिन अनेकों व्यक्ति आते हैं और इस स्थान को सजदा करते हैं। उन्होंने बताया कि आने वाले समय में इस स्थान पर मूसेवाला की यादगार बनाने की योजना है। पूरे गांव को मूसेवाला के चित्रों और स्टिकरों से सजाया गया है। उन्होंने बताया कि इस समागम में कई गायकों को निमंत्रण भेजा गया है। इसके अलावा सिद्धू मूसेवाला की याद में गांव अतला कलां, बुढलाडा, नंगल में भी समागम करवाए जाएंगे।
मूसेवाला के ताया चमकौर सिंह सिद्धू ने बताया कि मूसेवाला की याद में गांव में पाठों के भोग डाले जाएंगे और एक खूनदान कैंप भी लगाया जाएगा। उन्होंने बताया कि मानसा के गुरुद्वारा चौक से लेकर बस स्टैंड चौक तक मूसेवाला को इंसाफ दिलाने समेत अन्य मांगों को लेकर रोष मार्च भी निकाला जाएगा और गुरुद्वारा साहिब में पाठ के भोग भी डाले जाएंगे।