बिजली कटों से तंग किसानों ने शुक्रवार को चुंगी नंबर सात पर धरना देकर फिरोजपुर-लुधियाना, जालंधर, दिल्ली व श्रीगंगानगर का यातायात ठप कर दिया। किसानों का कहना है कि मुफ्त की घोषणा के बाद से बिजली लुप्त हो गई है। किसानों का कहना है कि बिजली आपूर्ति न मिलने से ट्यूबवेल बंद पड़े हैं और छोटी नहरों में पानी नहीं है। बिना पानी के उनकी फसलें व सब्जियां सूखने लगी हैं।
यही हाल रहा तो किसान और कर्ज के तले दब जाएगा। गांवों में दिन में एक घंटा बिजली आती है और सारी रात गुल रहती है। किसान नेता गुरमीत सिंह का कहना है कि बिजली के अघोषित कट लग रहे हैं। गांवों में सिर्फ एक घंटा बिजली की सप्लाई दी जा रही है। सिंचाई नहीं होने के कारण सब्जियां सूखने लगी हैं।
सारी रात बिजली गुल रहती है। यही हाल रहा तो किसान बर्बाद हो जाएंगे। किसान दर्शन सिंह का कहना है कि बिजली सप्लाई नहीं मिलने के चलते खेतों में हरा चारा, गन्ने की फसल व सब्जी खराब होने लगी है। पंजाब सरकार से मांग है कि ट्यूबवेलों को आठ घंटे और घरों में 24 घंटे बिजली की आपूर्ति दी जाए।
सिंह ने कहा कि गेहूं की पैदावार कम होने के कारण किसानों की हालत पहले ही बहुत खराब हैं। कर्ज के कारण किसान व मजदूर पहले ही खुदकुशी कर रहे हैं। बिजली संकट ने किसानों की कमर तोड़ दी है। किसानों ने चुंगी के चौक पर ट्रक और अन्य वाहन लगाकर आने-जाने का रास्ता बंद कर दिया। वहां से गुजरने वाले लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ी है।
हलवारा: किसान सड़कों पर उतरे
हलवारा में बिजली कटौती के खिलाफ बीकेयू एकता (सिद्धूपुर) के नेता व कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे। किसान संगठन के राज्य प्रधान जगजीत सिंह डल्लेवाल के आह्वान पर स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं ने लुधियाना-बठिंडा राजमार्ग पर यातायात ठप कर दिया। कस्बा सुधार बाजार में दोपहर 12 बजे सड़क पर तंबू गाड़कर सैकड़ों प्रदर्शनकारियों ने राजमार्ग पर धरना लगाकर पंजाब और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी।
दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लगने के बाद हरकत में आई सुधार पुलिस ने खासी जद्दोजहद के बाद यातायात को डायवर्ट कर दिया। ब्लॉक प्रधान जसप्रीत सिंह जस्सी ढट्ट ने कहा कि जब तक मुख्यमंत्री भगवंत मान उनके संगठन प्रधान जगजीत सिंह डल्लेवाल से मुलाकात कर इस गंभीर मसले का हल नहीं निकालते तब तक प्रदर्शन जारी रहेगा।