गुरु गोबिंद सिंह रिफाइनरी में अपनी निजी कंपनी के जरिए काम करने वाले चंडीगढ़ निवासी सुरेश कुमार ने सोमवार को राष्ट्रपति को पत्र लिखकर 15 अगस्त को परिवार समेत इच्छा मृत्यु की मांग की है। हैलो इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनी चंडीगढ़ के संचालक सुरेश कुमार ने बताया कि वर्ष 2017 में उसने अपनी कंपनी के जरिए रिफाइनरी की कंपनी एचएमईएल के अधीन सीएसआर मतलब कारपोरेट सोशल रेसिपोंसिबिलिटी के तहत काम करना शुरू किया था।
उसने आरोप लगाया कि एचएमईएल में काम करने वाले आदित्य मेहन ने उससे जब काम संबंधी रिश्वत की मांग करनी शुरू की तो उसने एचएमईएल के नोएडा स्थित कार्यालय में उसकी शिकायत की। इसके बाद एचएमईएल कंपनी के दो अधिकारी भी बठिंडा आए पर उन्होंने उसकी शिकायत पर कोई कार्रवाई करने की बजाय उसको वर्क आर्डर रिवाइज करने का लालच देना शुरू कर दिया।
सुरेश ने बताया कि इसके बाद उसने एचएमईएल के मालिक लक्ष्मी नारायण मित्तल को भी ईमेल के जरिए उनकी कंपनी के अधिकारियों के खिलाफ शिकायत की पर उन्होंने भी कोई सुनवाई नहीं की। सुरेश कुमार ने बताया कि उसने एचएमईएल से अपने काम की बकाया राशि करीब 35 लाख रुपये जब कंपनी से मांगी तो वो भी उसे नहीं दी गई।
उसने बताया कि वो अप्रैल 2018 से इंसाफ की मांग करते हुए पंजाब के चीफ सचिव समेत पुलिस के आला अधिकारियों को लिखित तौर पर शिकायत दे चुके हैं लेकिन सुनवाई नहीं हुई। सुरेश ने बताया कि अब उसके सिर 25 लाख रुपये का कर्ज भी चढ़ गया है। इसके बावजूद एचएमईएल उसके काम की रकम नहीं दे रही।
एचएमईएल के अधिकारी आदित्य मेहन ने अपने एवं कंपनी पर लगाए जा रहे आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए कहा कि उनको तो पता नहीं कि सुरेश कुमार उनका नाम क्यों ले रहा है। वो तो खुद एचएमईएल के तहत नौकरी करते हैं।