आजकल मोटापा व शुगर की समस्या तेजी से बढ़ रही है। इसमें भी साइक्लिंग से काफी मदद मिलती है। डॉक्टरों के मुताबिक, शरीर का वजन बढ़ने से इंसान का ओवरऑल मूवमेंट कम होता है। इससे रक्त में ग्लूकोज की मात्रा बढ़ने लगती है। यदि इंसान नियमित रूप से साइकिल चलाता है तो इससे न सिर्फ उसका वजन नियंत्रित होगा, बल्कि शुगर होने का खतरा भी कम हो जाएगा।
जोड़ की मांसपेशियां मजबूत होती हैं
साइकिल चलाते समय पैर से लेकर हाथ और जोड़ों से लेकर मांसपेशियों तक, हर अंग का भरपूर उपयोग होता है। इससे पूरे शरीर की एक साथ एक्सरसाइज हो जाती है, बॉडी का स्टेमिना बढ़ता है और लोगों को जोड़ों के दर्द से राहत मिलती है और उसमें मजबूती आती है।
तनाव से राहत दिलाने में मददगार
साइकिल की सवारी तनाव को कम करने में काफी हद तक लाभकारी है। विशेषज्ञों के अनुसार किसी भी खेल से तनाव को दूर करने में मदद मिलती है, मगर साइकिल से मानसिक तनाव के साथ शारीरिक तंदुरुस्ती भी बनी रहती है। इस कारण नियमित रूप से साइकिल चलाने वालों को अवसाद और तनाव की शिकायत होने की आशंका बहुत कम होती है।
एक शोध के मुताबिक, नियमित साइकिल चलाने वाले लोगों का दिमागी स्तर आम लोगों की अपेक्षा 15 प्रतिशत ज्यादा बेहतर होता है। इसके अलावा आपके शरीर में नए ब्रेन सेल्स भी बनते हैं और लगातार साइक्लिंग करने से आपका दिल भी सुरक्षित रहता है।
कैंसर का खतरा कम रहता है
ब्रिटिश मेडिकल जर्नल में प्रकाशित एक शोध के मुताबिक, लगातार साइकिल चलाने से किसी भी वजह से होने वाली मौत का खतरा 41 प्रतिशत तक कम होता है। अध्ययन के दौरान पाया गया कि साइकिल चलाने वालों ने एक हफ्ते में औसतन करीब 48 किलोमीटर साइकिल चलाई, जो उनके लिए वरदान साबित हुआ।
साइक्लिंग सबसे बेस्ट एक्सरसाइज है। इससे हार्ट मजबूत होता और कैलोरी बर्न होती है। डायबिटीज की रोकथाम में भी यह फायदेमंद है। जिन लोगों के घुटने में समस्या होती है, उन्हें भी साइकिल चलाने की सलाह दी जाती है। इससे उनके घुटने मजबूत होते है और ट्रांसप्लांट व सर्जरी की बहुत कम आवश्यकता पड़ती है। एक व्यक्ति को अपनी क्षमतानुसार साइकिल चलानी चाहिए। कम से कम 30 से 40 मिनट साइक्लिंग जरूर करें। - डॉ. संजीव भाटिया, निदेशक ग्लोबल हेल्थ केयर
साइक्लिंग एक एरोबिक एक्सरसाइज है। इससे दिल में ब्लॉकेज की समस्या कम होती है। यदि कोई व्यक्ति 30 मिनट तक साइक्लिंग करता है तो यह उसके लिए बहुत फायदेमंद होगा। साइक्लिंग से व्यक्ति अपने आपको पूरे दिन ऊर्जावान महसूस करता है। तनाव भी दूर रहता है। - डॉ. तरणदीप सिंह, कार्डियोलाजी, हीलिंग हॉस्पिटल