पीजीआई चंडीगढ़ में अब पेपरलेस प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। जी हां, अगले सप्ताह से ई-ऑफिस प्रणाली लागू कर दी जाएगी, जिससे फाइलों का ढेर नहीं लग सकेगा। इस प्रक्रिया से सात दिन में होने वाला काम एक घंटे में हो जाएगा। फाइलों के भी गुम होने या दबने की नौबत नहीं आएगी।
पीजीआई चंडीगढ़ में चंद दिनों के अंदर ई-ऑफिस प्रणाली लागू हो जाएगी। फिर प्रशासनिक कार्यों में फाइलों का अंबार नहीं लगेगा। ऑनलाइन ही फाइलों को स्वीकृति मिलेगी, जिससे लंबित फाइलों की संख्या समाप्त होने के साथ ही प्रक्रिया में पारदर्शिता से कार्य विलंब की स्थिति न के बराबर होगी। इतना ही नहीं, फाइल दबाने, गुम होने या एक ही जगह महीनों अटके रहने की नौबत भी नहीं आएगी। पीजीआई प्रशासन के अनुसार सारे प्रशासनिक कार्य ऑनलाइन हो जाने से कार्यालय के साथ ही योजनाओं के क्रियान्वयन में भी तेजी आएगी। डीडीए कुमार गौरव ने बताया कि मौजूदा समय में एक फाइल को अप्रूवल मिलने में सामान्य तौर पर 7 दिन का समय लगता है, जबकि ई-ऑफिस के माध्यम से एक घंटे में काम हो जाएगा। इसके लिए कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। पिछले कुछ दिनों से प्रक्रिया प्रयोग के तौर पर लागू की गई है। उसका बेहतर परिणाम सामने आया है।
यहां जरूरत के अनुसार होगा पत्र व्यवहार
केंद्र सरकार के साथ पत्र व्यवहार, जहां मैन्युअल फाइल जरूरी हो।
राष्ट्रपति भवन, राजभवन, लोकायुक्त कार्यालय, विधानसभा सचिवालय, ईओडब्ल्यू या अन्य ऐसे कार्यालय व आयोग, जिनसे ई-ऑफिस से पत्र व्यवहार संभव न हो।
न्यायालयीय कार्य व प्रकरण, जब तक ऑनलाइन व्यवस्था लागू न हो।
कहां-कहां हैं ई-ऑफिस
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केंद्रीय मंत्रिमंडल सचिवालय, मुख्यमंत्री कार्यालय महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु व त्रिपुरा के सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग के अलावा दिल्ली के एम्स।