चंडीगढ़। शहर में सरकारी भूमि पर अतिक्रमण और अवैध निर्माण के खिलाफ एक बार फिर पीला पंजा चलना शुरू हो गया है। मंगलवार को चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड ने डड्डूमाजरा में बड़ी कार्रवाई करते हुए 3 घरों के अवैध निर्माण को तोड़ा। बोर्ड की तरफ से बताया गया कि इन सभी ने सरकारी भूमि पर कब्जा कर रखा था। इनमें से एक ने फुटपाथ किनारे लगे बिजली के खंभे को भी घर के अंदर कर लिया था।
सीएचबी की इंफोर्समेंट विंग ने मंगलवार को डड्डूमाजरा में तीन मकानों में हुए अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई की। तीनों केसों में सरकारी भूमि पर निर्माण किया हुआ था। बोर्ड की तरफ से छह अन्य मकान मालिकों को भी नोटिस जारी किया गया है, जिन्होंने सरकारी जमीन पर अतिक्रमण किया हुआ है। बोर्ड की तरफ से कहा गया है कि एक हफ्ते के अंदर इन निर्माणों को भी तोड़ दिया जाएगा। इस दौरान लोगों ने बोर्ड की कार्रवाई का विरोध करने का भी प्रयास किया, लेकिन टीम के आगे उनकी एक नहीं चली, क्योंकि मौके पर पुलिस बल भी तैनात था। अब सीएचबी अतिक्रमण अभियान के दौरान लगी लागत की गणना कर रहा है, जिसे आवंटियों से ही वसूला जाएगा। सीएचबी ने कहा है कि भुगतान न करने पर उनका आवंटन रद्द किया जा सकता है। सीएचबी के सीईओ यशपाल गर्ग ने बताया कि 9 मामलों में कब्जा इतना ज्यादा है कि बिजली का खतरा भी बना हुआ है। एक मामले में बिजली के खंभे को भी घर की चहारदीवारी के अंदर ले लिया गया है। उन्होंने कहा कि नोटिस देने के बावजूद लोगों ने आदेश का पालन नहीं किया, जिस कारण बोर्ड ने खुद अवैध निर्माण गिराना शुरू कर दिया। उन्होंने कहा कि यहां कई आवंटियों का चालान किया गया है, जिनके खिलाफ जल्द ही कार्रवाई की जाएगी।
सीएचबी गिराएगा निर्माण, तो खर्चा भी आवंटी से वसूला जाएगा
गर्ग ने कहा कि बोर्ड उन निर्माणों को भी तोड़ेगा, जिन्हें कुछ महीने पहले नोटिस दिया गया था लेकिन कोविड की वजह से कार्रवाई नहीं की जा सकी। उन्होंने आग्रह किया कि वो खुद अवैध निर्माण को गिरा दें। सीएचबी ने अधिकारी ने बताया कि जहां कहीं भी बिना अनुमति नया निर्माण कार्य होता है, बोर्ड तुरंत उसके खिलाफ कार्रवाई करता है। पहले नोटिस जारी कर तीन दिन का समय दिया जाता है। अगर तीन दिन के अंदर निर्माण कार्य रोक कर अवैध निर्माण नहीं हटाया जाता तो बोर्ड की तरफ से कार्रवाई की जाती है। बोर्ड की ओर से इस पर आया खर्च भी आवंटियों से ही वसूला जाता है।