आईएएस अशोक खेमका और आईएएस संजीव वर्मा।
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हरियाणा भंडारण निगम में आईएएस अशोक खेमका के कार्यकाल में नियुक्ति पाने वाले और आठ अधिकारियों को बर्खास्त कर दिया गया है। इनमें एक प्रथम श्रेणी, तीन द्वितीय और चार तृतीय श्रेणी के अधिकारी हैं। निगम के वित्तीय सलाहकार, सचिव, एक मैनेजर कार्मिक और एक कार्यकारी अभियंता समेत चार अधिकारियों की रिपोर्ट के आधार पर प्रबंध निदेशक संजीव वर्मा ने 13 जून को यह कार्रवाई की है।
बर्खास्त अधिकारियों की नियुक्ति 2009-2010 में आईएएस अशोक खेमका के प्रबंध निदेशक रहते हरियाणा भंडारण निगम में हुई थी। जांच में पाया है कि सात के पास अनुभव प्रमाण पत्र नहीं था और एक सामान्य श्रेणी का अधिकारी अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित पद पर नियुक्ति था। जांच रिपोर्ट में इन अधिकारियों की भर्ती में अनियमितता बरते जाने की बात कही गई है। इससे पहले भी प्रबंधक स्तर के दो अधिकारियों को बर्खास्त किया जा चुका है।
ये आठ निकाले गए नौकरी से
बर्खास्त किए गए अधिकारियों में जिला प्रबंधक एसके शर्मा, सहायक प्रबंधक गुणवत्ता नियंत्रण डीके पांडेय, तकनीकी सहायक राजेश कुमार, तकनीकी सहायक दिलबाग सिंह, तकनीकी सहायक मनीष शुक्ला, तकनीकी सहायक दीपक द्विवेदी, प्रबंधक यतेंद्रवीर त्यागी और प्रबंधक जगदीश चंद्र के नाम शामिल हैं। इससे पहले, मैनेजर प्रदीप कुमार गुप्ता और सुरेंद्र सिंह को बर्खास्त किया गया था। हालांकि, इन दोनों अधिकारियों के मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने बर्खास्तगी पर स्टे आर्डर दे रखा है।
आईएएस खेमका और वर्मा में चल रहा विवाद
आईएएस अधिकारी अशोक खेमका और आईएएस संजीव वर्मा के बीच विवाद चल रहा है। संजीव वर्मा ने प्रबंधक स्तर के दो अधिकारियों की बर्खास्तगी के साथ ही तत्कालीन प्रबंध निदेशक रहे अशोक खेमका के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की सिफारिश की थी। पंचकूला पुलिस ने खेमका के खिलाफ एफआइआर दर्ज कर ली थी।
इसके बाद खेमका ने भी संजीव वर्मा व रवींद्र कुमार पर केस दर्ज कराया था। वर्मा पर सरकारी संस्थानों के दुरुपयोग का आरोप है। बाद में खेमका और संजीव वर्मा अपने-अपने खिलाफ केस को रद्द कराने के लिए हाईकोर्ट पहुंच गए। गौर हो कि दोनों अधिकारियों में सुलह कराने के लिए गृह मंत्री अनिल विज ने भी कोशिश की थी।