इनेलो संसदीय दल के नेता और सांसद दुष्यंत चौटाला ने कहा है कि उन्हें बदनाम करने के लिए बिना किसी तथ्य के ही रिपोर्ट में उनका नाम शामिल किया गया है। सरकार या कमेटी के पास उनके बयान का कोई प्रमाण है तो उसे तुरंत सार्वजनिक करे, अन्यथा मुख्यमंत्री सार्वजनिक रूप से माफी मांगें।
सांसद ने कहा कि यदि सीएम और कमेटी ने माफी नहीं मांगी तो वह कानूनी कार्रवाई करने को बाध्य होंगे। सरकार और जांच कमेटी को चुनौती देते हुए उन्होंने कहा कि कहा कि रिपोर्ट में जिस भाषण का जिक्र किया गया है, अगर वह साबित हो गया तो वह कड़ी सजा भुगतने को तैयार हैं।
उन्होंने कहा, इतना ही नहीं मैं सांसद पद से भी इस्तीफा दे दूंगा। इस मामले को लेकर उन्होंने लोकसभा में विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव लाने की बात कही है। इसके लिए लोकसभा अध्यक्ष को नोटिस देंगे।
उन्होंने कहा कि खट्टर सरकार अपनी विफलता को छिपाने और उन्हें बदनाम करने के लिए ओछी राजनीति कर रही है। सरकार के पास रिपोर्ट में जिस भाषण का जिक्र है उससे संबंधित कोई वीडियो, बयान या अन्य कोई प्रमाण है तो तुरंत सार्वजनिक करे अन्यथा माफी मांगे।
भाषण का ये अंश है रिपोर्ट में दर्ज
रिपोर्ट में उनके भाषण का ये अंश दर्ज है। उसमें उन्होंने कहा है कि, ‘‘तीन बातें सुनी और तीन चीजें देखीं, मैं कहता हूं इन तीन चीजों से ऊपर कोई चीज नहीं है। और अगर है तो आप मुझे रोक देना। इस दुनिया में- लोहा टाटा का, टाटा से मजबूत लोहा किसी का नहीं, है के, बता दो और जूता बाटा का है कि नहीं, और छोरा जाटां का। तो ये छोरे जाट के जो हैं इनसे ऊपर कोई चीज नहीं।’’