नगर निगम के बिल्डिंग ब्रांच के रिकॉर्ड रूम में वीरवार सुबह 3 बजे आग लग गई। आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। हालांकि पूरा मामला संदेह पूर्वक देेखा जा रहा है। आग लगने से 300 से ज्यादा बिल्डिंग ब्रांच की नक्शों व नोटिस संबंधित फाइलें जल गई।
कई फाइलें आधी नष्ट हो गईं। ब्रांच के इस रिकॉर्ड में कई तो 50 साल से भी ज्यादा पुराना रिकॉर्ड नष्ट हो गया है। मामले के बारे में सूचना रात में ड्यूटी दे रहे चौकीदार कृष्ण ने दमकल केंद्र व निगम अधिकारियों को दी। दमकल की एक गाड़ी ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया। सूचना मिलते ही सुबह ज्वाइंट कमिश्नर मौके पर पहुंचे। उन्होंने रिकॉर्ड रूम देखा और मामले की जांच के लिए छह सदस्यीय कमेटी का गठन किया है।
सीसीटीवी में धुंधली तस्वीर
रूम नंबर 9 में रखे रिकॉर्ड में लगी आग मामले की सीसीटीवी में धुंधली सी तस्वीर आई है। रात करीब 3 बजे कैमरे के ठीक नीचे कुछ चिंगारियां सी जलती हुई दिख रही हैं। कर्मचारियों को सुबह साढ़े पांच बजे आग कुछ ज्यादा फैली तो कमरे से धुआं निकलता हुआ दिखा, तो पता चला। फिर उन्होंने मामले के बारे में निगम अधीक्षक कैलाश को फोन कर सूचना दी।
निगम के कई अधिकारी पहुंचे मौके पर
मामले के बारे में सूचना मिलते ही निगम अधीक्षक कैलाश ने तुरंत दमकल केंद्र में फोन किया। मौके पर एक गाड़ी आग बुझाने के लिए पहुंची। नगर निगम के एमई प्रवीन कुमार, बीआई राहुल मोर, क्लर्क सुरेंद्र व अन्य कर्मचारी मौके पर पहुंच गए। आग में करीब 12 बंडल नष्ट हो गए। एक बंडल में करीब 26 नक्शे बंधे हुए थे। कुछ फाइलें तो जलकर राख ही हो गई। बिल्डिंग ब्रांच के अधिकारियों ने बताया कि इनमें 1964, 1974 सहित कई पुराना व नया रिकॉर्ड था जो जल गया।
अधीक्षक ने ज्वाइंट कमिश्नर को दी सूचना
मामले के बारे में अधीक्षक कैलाश चंद्र ने ज्वाइंट कमिश्नर एवं सीटीएम सरजीत नैन को सूचना दी। सूचना मिलते ही ज्वाइंट कमिश्नर मौके पर पहुंचे। उन्होंने पूरा मामला सीसीटीवी में देखा और छह सदस्यीय कमेटी गठित कर जांच करने व रिपोर्ट पेश करने के आदेश दिए। मामले की सूचना मिलते ही मेयर शकुंतला राजलीवाला भी मौके पर पहुंची।
छह सदस्यीय कमेटी में ये रहेंगे शामिल
- प्रवीन कुमार एमई
- दमकल केंद्र अधिकारी
- बिल्डिंग इंस्पेक्टर अमित बेरवाल
- बिल्डिंग इंस्पेक्टर राहुल मोर
- सुरेंद्र क्लर्क
- जितेंद्र कुमार
फैल जाती आग तो होता बड़ा नुकसान
जिस रूम में बिल्डिंग ब्रांच का रिकॉर्ड रखा था उसमें बिजली के प्लग के साथ एक टेबल पर रखी फाइलें ही जल पाई। हालांकि रिकॉर्ड रूम में हजारों फाइलें रखी हुई थी। उनमें से केवल 300 के लगभग ही फाइलें जली। अगर समय पर आग पर काबू न पाया होता तो वर्षों पुराना रिकॉर्ड जलकर राख हो जाता। इसके अलावा अगर आग फैला जाती तो उसके साथ लगते 8 नंबर रूम में जन्म मृत्यु का रिकॉर्ड रखा था वह भी जल जाता।
निगम में चर्चा : घपले वाली फाइलें जली
निगम में जितने मुंह उतनी अलग अलग बात सामने आ रही है। कुछ कर्मचारी आपस में ही कह रहे हैं कि घपले वाली फाइलें ही जली हैं। ये शॉर्ट सर्किट नहीं बल्कि साजिश के तहत फाइलें जलाई गई हैं।
शॉर्ट सर्किट से आग लगी है। कितना रिकॉर्ड जला और किन कारणों से आग लगी हालांकि उसकी जांच के लिए कमेटी बना दी है।
- सरजीत नैन, ज्वाइंट कमिश्नर नगर निगम