डीएसपी ईस्ट विजय कुमार की हार्ट अटैक से मौत हो गई। सुबह करीब सात बजे गोल्फ खेलते समय उन्हें सीने में दर्द उठा। गोल्फ कोर्स से साथी उन्हें तत्काल पीजीआई ले गए। इलाज के दौरान थोड़ी ही देर में उन्होंने दम तोड़ दिया। वर्ष 2005 में उनकी बायपास सर्जरी भी हुई थी।
सूचना मिलते ही एसएसपी डॉ. सुखचैन सिंह गिल, पूर्व एसएसपी नौनिहाल सिंह, एसएसपी ट्रैफिक मनीष चौधरी पीजीआई पहुंचे और परिजनों को दिलासा दिया। विजय कुमार के तीन बेटे और बेटी हैं। उनके मझले बेटे की 14 फरवरी की शादी तय थी। पूरा परिवार शादी की तैयारियों में ही लगा था। उनका एक बेटा राहुल मॉडलिंग करता है। वीरवार दोपहर 12 बजे सेक्टर 25 स्थित श्मशानघाट में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।
एएसआई से डीएसपी तक पहुंचे
विजय कुमार 24 जुलाई 1979 में चंडीगढ़ पुलिस में एएसआई भर्ती हुए। उन्हें 04 सितम्बर 1984 को प्रमोट कर सब इंस्पेक्टर बनाया गया। हत्या के एक संगीन मामले को सुलझाने पर 01 मई 1989 में इंस्पेक्टर बनाए गए। दिसंबर 2007 में डीएसपी नियुक्त हुए। चर्चित खुशप्रीत मर्डर केस भी उन्होंने ही सुलझाया था।
बेहतरीन सेवाओं के लिए सम्मान
26 जनवरी 1997- प्रशासक से पुलिस मेडल
26 जनवरी 2002- प्रशस्ति पत्र
26 जनवरी 2004- प्रशासक से पुलिस मेडल
15 अगस्त 2009- राष्ट्रपति से पुलिस मडेल
15 अगस्त 2013-प्रशासक से पुलिस मेडल
विजय कुमार को जो भी केस सौंपा गया, उसे उन्होंने सुलझा कर ही दम लिया। चंडीगढ़ पुलिस ने अपना एक बेहतरीन डीएसपी खो दिया है।
-डॉ. सुखचैन सिंह गिल, एसएसपी