चंडीगढ़। पंजाब यूनिवर्सिटी के जनसंचार विभाग की प्रोफेसर डॉ. अर्चना आर सिंह के कविता संग्रह ‘कविता तो कहीं नहीं’ का वीरवार को विमोचन हुआ। इस दौरान कविताओं को छोटी वीडियो के माध्यम से प्रसारित कर किताब का अनावरण किया। इस मौके पर रंगमंच कलाकार निशा लूथरा और नृत्य निर्देशक जसके शान ने कविता कभी वाचल कभी मौन पर अभिनय किया।
कलाकार निशा ने बताया कि अगर एक कविता को सुना और पढ़ा जा सकता है तो उसे देखा और महसूस भी किया जा सकता है। इसी विचार ने कविता को प्रदर्शन कला शैली में पेश करने का रास्ता दिखाया। लेखिका अर्चना की कविताओं के संग्रह में से कभी वाचल कभी मौन कविता को चुना, क्योंकि यह एक महिला के दिल के अंदरूनी हिस्सों में झांकती है। एक महिला अपने दिल में उत्पन्न हो रही असंख्य भावनाओं को समझने की कोशिश में घंटों बिता सकती है। वह हर भावना को तौलती है और फिर चुनती है। इन सभी पहलुओं को कविता में खूबसूरती से शब्दों में पिरोया गया है। कार्यक्रम के दौरान पीयू की जनसंपर्क निदेशक रेणुका सालवान और स्तंभकार रेनी सिंह ने भी हिस्सा लिया। डॉ. अर्चना आर सिंह ने लेखन को अपनी सेहत के लिए उपयोगी बताया है। उन्होंने बताया इस संग्रह में छह अध्यायों के तहत 62 कविताएं हैं। पुस्तक के शीर्षक कविता तो कही नहीं से यह दिखाया गया है कि संग्रह काव्य की पारंपरिक विधाओं में फिट नहीं होता है।