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हरियाणा विधानसभा बजट सत्र: डाडम खदान हादसे पर हंगामा, सरकार के सीबीआई जांच की मांग न मानने पर विपक्ष का वॉकआउट

Mon, 14 Mar 2022 04:39 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

मुख्यमंत्री मनोहर लाल 8 मार्च को महिला दिवस पर विधानसभा में बजट पेश कर चुके हैं। पहली बार लोकसभा की तर्ज पर विधानसभा समितियों का गठन कर बजट पारित करवाने का निर्णय लिया है। इसके लिए विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता ने विभिन्न विषयों पर विधानसभा की 8 समितियों के गठन किया है।
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हरियाणा विधानसभा। - फोटो : फाइल
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विस्तार
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भिवानी जिले में हुए डाडम खादान हादसे को लेकर विधानसभा में सोमवार को हंगामा हुआ। नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र हुड्डा, कांग्रेस विधायक हादसे और अवैध खनन का सच सामने लाने के लिए सीबीआई जांच की मांग पर अड़े रहे। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कड़े तेवर अपनाते हुए सीबीआई जांच कराने से साफ मना कर दिया। इस पर कांग्रेस विधायक वॉकआउट कर गए।

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मनोहर लाल व हुड्डा के बीच डाडम में अवैध खनन, ठेकेदार के चयन को लेकर तीखी बहस हुई। खनन, भूगर्भ मंत्री मूल चंद शर्मा और कांग्रेस-इनेलो विधायक भी अनेक बार आमने-सामने आए। सदन में कांग्रेस विधायक गीता भुक्कल और इनेलो विधायक अभय चौटाला इत्यादि की तरफ से इस मुद्दे पर ध्यानाकर्षण प्रस्ताव लाया गया था। जिस पर डेढ़ घंटे से अधिक समय तक सवाल-जवाब और शोर शराबा हुआ।

मनोहर लाल ने हुड्डा, कांग्रेस विधायक गीता भुक्कल, किरण चौधरी, सुरेंद्र पंवार, इनेलो विधायक अभय चौटाला के जुबानी हमलों का जवाब देते हुए कहा कि डाडम मामले की जांच तीन अलग-अलग समितियां कर रही हैं। उनकी अंतिम रिपोर्ट आने का इंतजार करेंगे। उसके बाद जरूरी हुआ तो सरकार बड़ी से बड़ी एजेंसी से जांच करवाने के लिए तैयार है। 

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दुर्घटना हुई है, यह बिना खामियों के नहीं हो सकती। एनजीटी की हरियाणा इकाई के अध्यक्ष रिटायर्ड जस्टिस प्रीतम पाल, खनन सुरक्षा समिति व सेवानिवृत्त आईएएस एसएस प्रसाद की अध्यक्षता में गठित विशेष जांच समितियां हादसे का सच जानने में जुटी हैं। प्रीतम पाल समिति की अंतरिम रिपोर्ट में सामने आया है कि वर्तमान नहीं, पूर्व ठेकेदार ने अवैध खनन किया है। फिलहाल इस मामले की सीबीआई जांच करवाने की आवश्यकता नहीं है। मुख्यमंत्री के यह कहते ही नेता प्रतिपक्ष ने कड़ा विरोध जताया और विधायकों सहित सदन से बाहर चले गए।

दोषियों से वसूलेंगे 22 करोड़ से अधिक का घाटा: मनोहर
मुख्यमंत्री ने डाडम में खनन ठेके में अनियमितताओं व अवैध खनन को लेकर विपक्ष को एक-एक कर जवाब दिया। उन्होंने कहा कि हम दबाव में आने वाले नहीं हैं। जिन लोगों ने खनन ठेका रद्द करवाने के लिए षड़यंत्र रचा, उन्हें बख्शेंगे नहीं। जिन्हें 115 करोड़ रुपये के टेंडर को रद्द करवा सरकार को 22 करोड़ रुपये से अधिक की वित्तीय हानि पहुंचाई, उन दोषियों को ढूंढकर वसूली की जाएगी। 

सरकार ने 115 करोड़ रुपये की बोली लगाने वाले मैसर्स सुंदर मार्केटिंग एसोसिएट और कर्मजीत सिंह एंड कंपनी लिमिटेड को 10 साल के लिए खनन ठेका दिया था। इस दौरान वेदपाल नामक व्यक्ति ने 150 करोड़ रुपये में खनन करने की सहमति दी और सरकार ने उसे कार्य आवंटित कर दिया। लेकिन, वेदपाल का चेक बाउंस हो गया। इसलिए दोबारा से 2 बार नीलामी की गई, जिसमें कोई भी बोलीदाता 115 करोड़ रुपये में कार्य के लिए नहीं आया। 
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तीसरी बार 92.12 करोड़ रुपये में नीलामी हो पाई। इसमें भ्रष्टाचार का मामला नहीं बनता। चूंकि, बोली बेहद कम रेट पर हुई। डाडम खनन मामले में ओपन बिड में कोई ठेकेदार नहीं आया। साजिश रच कर तकनीकी कारणों से बिड को रद्द करवाया गया। याचिकाकर्ता ने न्यायालय के समक्ष यह कहा था कि खानक पहाड़ की एचएसआईआईडीसी को नीलामी करने से नुकसान हो रहा है।

डाडम हादसे की सीबीआई जांच करा दोषियों को करें बेनकाब: हुड्डा
भूपेंद्र हुड्डा ने कहा कि सरकार डाडम खादान हादसे की सीबीआई जांच कराए। इससे हादसे, अवैध खनन और सरकार को हुए वित्तीय नुकसान का पता चल जाएगा। सीबीआई जांच में दोषी बेनकाब होंगे। सरकार इससे पीछे क्यों हट रही है। सरकार को अगर यह जानकारी है कि किसने षडयंत्र रचकर खनन ठेका रदद करवाया तो उसका भी नाम सार्वजनिक करे। यह बेहद गंभीर मामला है। उन्होंने खुद मौके का दौरा कर हकीकत देखी है। 90 डिग्री पर पहाड़ को काटा गया लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। 

बोलने के लिए कम समय मिलने पर अभय का वॉकआउट
इनेलो विधायक अभय चौटाला ने खनन मंत्री ने अपने जवाब में माना है कि डाडम में कुछ हिस्से में 360 फीट तक खनन हुआ है। यह अवैध है। इसे करने वाली कंपनी पर कार्रवाई क्यों नहीं की गई। ठेका लेने के लिए कंपनी ने खनन विभाग के बजाय मुख्यमंत्री को पत्र क्यों लिखा। मुख्यमंत्री के कहने पर सरकार ने सुंदर मार्केटिंग को ठेका क्यों दिया। सरकार में भी कोई निजी कंपनी चल रही थी। जवाब में सीएम ने कहा कि हमारे पर प्रदेश और सरकार चलाने का जिम्मा है। स्पीकर ज्ञान चंद गुप्ता ने अभय को कहा कि उनका समय पूरा हो गया, वह बैठ जाएं। इस पर अभय गुस्सा गए। स्पीकर उन्हें और समय देने के लिए नहीं माने। इस पर वह वॉकआउट कर गए।

अवैध खनन में संलिप्त वाहन किए जब्त: मूल चंद
खनन व भूगर्भ मंत्री मूलचंद शर्मा ने कहा कि वित्त वर्ष 2019-20 में 2020 वाहन पकड़े गए, 21.65 करोड़ रुपये जुर्माना लगाया और 211 एफआईआर दर्ज कीं। 2020-21 में 3515 वाहन पकड़े, 82.77 करोड़ रुपये जुर्माना किया और 539 एफआईआर दर्ज की गईं। 2021-22 में 2192 वाहन पकड़े, 29.40 करोड़ रुपये जुर्माना और 977 एफआईआर दर्ज कीं।
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