पंजाब कांग्रेस में विधानसभा चुनाव में मिली करार हार को लेकर हाहाकार थम नहीं रही। पार्टी के नेता एक-दूसरे पर हार का ठीकरा फोड़ने में व्यस्त हो गए हैं। इसी कड़ी में सोमवार को प्रदेश कांग्रेस के पूर्व प्रधान और वरिष्ठ नेता सुनील जाखड़ ने पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और वरिष्ठ महिला नेता अंबिका सोनी का नाम लिए बिना निशाना साधा।
जाखड़ ने ट्वीट किया- कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक में ‘पंजाबी महिला’, जिन्होंने उसे (चन्नी को) मुख्यमंत्री पद के लिए प्रस्तावित किया था और उन्हें पंजाब का खजाना करार दिया था। यह उनके (सोनी) लिए तो खजाना हो सकते हैं लेकिन पार्टी के लिए वह एक जिम्मेदारी ही रह गए हैं। जाखड़ ने इसके साथ ही चन्नी का नाम लिए बिना लिखा लेकिन उनके (चन्नी ने) अपने लालच ने उन्हें और पार्टी को गर्त में खींच लिया।
इस ट्वीट में जाखड़ ने चन्नी का एक फोटो भी साझा किया है, जिसमें मुख्यमंत्री के भांजे के घर से 10 करोड़ रुपये बरामद होने की खबर लिखी गई है। उल्लेखनीय है कि विधानसभा चुनावों में हार पर मंथन के लिए बुलाई गई कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक में अंबिका सोनी ने कहा कि चरणजीत सिंह चन्नी पार्टी का खजाना हैं लेकिन स्थानीय नेताओं ने उनकी टांग खींची, जिसके कारण कांग्रेस को पंजाब में हार का मुंह देखना पड़ा।
जाखड़ का सोमवार को किया गया ट्वीट इसी मुद्दे पर है, जिसमें उन्होंने नाम लिए बिना कहा कि चन्नी आपके लिए खजाना हो सकते हैं लेकिन पार्टी के लिए नहीं। भगवान का शुक्र है कि चन्नी को राष्ट्रीय खजाना घोषित नहीं कर दिया। पंजाब कांग्रेस में इन दिनों एक बड़ा वर्ग चुनावी हार के लिए प्रदेश प्रधान नवजोत सिंह सिद्धू को जिम्मेदार ठहरा रहा है, वहीं एक वर्ग मुख्यमंत्री चरणजीत चन्नी पर हार का ठीकरा फोड़ रहा है।
जाखड़ ने अपने ट्वीट के बाद यह सफाई भी दी कि उनके ट्वीट का उद्देश्य किसी पर आरोप लगाना नहीं है। लेकिन सीडब्ल्यूसी की बैठक में जिस ढंग से चाटुकारिता की गई, उससे निराशा हुई। 2017 में 117 में से 77 सीटें जीतकर सरकार बनाने वाली कांग्रेस को 2022 विधानसभा चुनाव में केवल 18 सीटों पर ही जीत हासिल हुई है।
रविवार को हुई थी सीडब्ल्यूसी की बैठक
पांच राज्यों में मिली करारी हार पर रविवार को कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में मंथन हुआ था। इस दौरान पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी ने अपने और राहुल गांधी व प्रियंका गांधी के इस्तीफे की पेशकश की थी। हालांकि पार्टी ने उनसे संगठनात्मक चुनाव पूरे होने तक पार्टी की कमान संभालने का आग्रह किया था।