पंजाब में डेंगू का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। सूबे में इस बीमारी ने पिछले चार वर्ष का रिकार्ड तोड़ दिया है। अब तक 16450 से अधिक लोग डेंगू की चपेट में आ चुके हैं। जबकि इस वर्ष अब तक 60 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। इससे पहले 2017 में 15400 लोग डेंगू से संक्रमित हुए थे, 18 लोगों की मौत हुई थी।
डेंगू को रोकने के लिए पंजाब सरकार के द्वारा किए गए कार्य नाकाफी होते दिख रहे हैं। डेंगू को लेकर हालात इतने खराब हो चुके हैं कि 30 सितंबर से 30 अक्तूबर के बीच राज्य में 12000 मामले सामने आए हैं और 50 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार 30 दिन में अब तक की सबसे खराब वृद्धि है। 23 जिलों में मोहाली में हालात सबसे खराब हैं।
यहां अब तक 2457 डेंगू के मामले आ चुके हैं और 31 से अधिक की मौत हो चुकी है। इसके बाद बठिंडा में 2063 डेंगू के मामले और 4 संक्रमितों की मौत हो चुकी है। होशियारपुर में 1465, अमृतसर में 1461 और पठानकोट में 1434 डेंगू के मामले और 1 संक्रमित की मौत हो चुकी है।
शहरों में 80 प्रतिशत ज्यादा मामले
डेंगू को लेकर गांवों की अपेक्षा शहरों में हालात ज्यादा खराब हैं। 80 प्रतिशत ज्यादा मामले शहरों में मिल रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का दावा है कि मामलों में गिरावट शुरू हो गई है, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि रात के तापमान में गिरावट आने तक बीमारी का प्रकोप जारी रहेगा।
सर्वे में ये विभाग मिले जिम्मेदार
डेंगू को लेकर कुछ विभागों के द्वारा की जा रही लापरवाही सामने आई है। स्वास्थ्य विभाग के सर्वे में खुलासा हुआ है कि स्थानीय निकाय और ग्रामीण विकास विभाग के साथ-साथ ग्राम पंचायतें इस बीमारी के प्रकोप को रोकने के लिए समय पर कार्रवाई करने में विफल रहीं। सरकार इसकी समीक्षा करने में जुट गई है।
सूबे में पांच वर्षों में आए डेंगू के मामले
वर्ष मामले मौत
2021 16450 66
2020 8435 22
2019 10289 14
2018 14980 09
2017 15398 18
राज्य में बढ़ते डेंगू के मामलों पर नियंत्रण के लिए सरकार के द्वारा प्रयास जारी हैं। अब तक के प्रयासों से हालात काफी नियंत्रण में आ चुके हैं, जल्द ही स्थिति सामान्य हो जाएगी।
-ओपी सोनी, उपमुख्यमंत्री, पंजाब सरकार
कैप्टन ने जताई चिंता
पंजाब में बढ़ते डेंगू को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने चिंता जताई है। उन्होंने ट्वीट कर पंजाब सरकार से जल्द ही इस ओर सकारात्मक कदम उठाने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि यदि जल्द हालात को नियंत्रित नहीं किया तो स्थिति काफी खराब हो सकती है।