पंजाब के पूर्व डीजीपी सुमेध सिंह सैनी।
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चंडीगढ़ सेक्टर-20 स्थित कोठी प्रकरण में पूर्व डीजीपी सुमेध सिंह सैनी की ओर से दायर जमानत याचिका पर गुरुवार को जिला अदालत में सुनवाई हुई। दोनों पक्षों के वकीलों की दलील सुनने के बाद अदालत ने जमानत याचिका पर फैसला 25 अप्रैल तक सुरक्षित रख लिया है।
पूर्व डीजीपी सुमेध सिंह सैनी के वकील ने 16 अप्रैल को अदालत में जमानत याचिका दायर की थी। याचिका पर सुनवाई पहले 19 अप्रैल को होनी थी लेकिन इस मामले को सुनने के लिए जज एसके सिंगला की अदालत ने खुद के अधिकार क्षेत्र से बाहर करार देकर सीजेएम आरएस राय की अदालत में ट्रांसफर कर दिया था। इसके बाद मामले की सुनवाई गुरुवार को तय की गई। गुरुवार को अदालत में सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों के बीच जमकर बहस हुई।
पूर्व डीजीपी सुमेध सिंह सैनी के वकील ने दलील दी कि विजिलेंस द्वारा चंडीगढ़ सेक्टर-20 स्थित कोठी को लेकर दर्ज किया गया मामला पूरी तरह राजनीति से प्रेरित है। जबकि पहले से दर्ज कई मामलों में वह पूरा सहयोग कर रहे हैं। इसके अलावा चंडीगढ़ के सेक्टर-20 स्थित कोठी प्रकरण को लेकर जिन दस्तावेजों की मांग विजिलेंस विभाग कर रहा है वह अदालत में जमा करवा दिए हैं। वहीं, विजिलेंस की तरफ से पेश हुए वकील ने दलील दी कि कोठी के एग्रीमेंट व अन्य दस्तावेजों की जांच को लेकर सुमेध सैनी से विजिलेंस हिरासत में लेकर पूछताछ करना चाहती है। इसलिए अदालत से आग्रह है कि सुमेध सिंह सैनी द्वारा लगाई जमानत याचिका को खारिज किया जाए।