घटना 24 दिसंबर की है। जब तक पुलिस के पास मामला पहुंचा तो परिवार बच्चे को दफना चुका था। उस दौरान बच्चे का पोस्टमार्टम नहीं हो पाया था। पुलिस ने बच्चे की मां संगीता के बयान पर बच्चे के पिता के खिलाफ धारा 304 (गैर-इरादतन हत्या) के तहत मामला दर्ज कर लिया था। पुलिस ने उस दौरान पति को हिरासत में ले लिया था। हालांकि बाद में उसे छोड़ दिया। परिवार ने अदालत में याचिका दायर कर शव को कब्र से निकालने की मांग की। महिला संगीता फिल्लौर कोर्ट में पहुंची थी। यहां उसने कोर्ट को पूरी घटना की जानकारी दी। इसके बाद कोर्ट ने शव को कब्र से निकालने का आदेश दिया।
संगीता के भाई अजय ने बताया कि उसकी बहन की शादी चक्क साबू गांव के जीतू से हुई थी। जब उसकी बहन गर्भवती थी तब जीतू ने संगीता से कहा था कि उसकी शादी वह अपनी छोटी बहन से करवा दे। संगीता ने इस बात का विरोध किया तो जीतू ने उसके साथ मारपीट करनी शुरू कर दी। 23 दिसंबर को जीतू ने फिर यही बात दोहराई। मगर संगीता नहीं मानी तो जीतू ने रात में मां और बेटे को बिना गर्म कपड़े के बाहर निकाल दिया। सुबह तक दोनों की तबीयत बिगड़ गई। ठंड लगने के कारण बच्चे की मौत हो गई। डीएसपी सिमरनजीत सिंह ने कहा कि बच्चे को दफनाने से पहले परिवार ने पुलिस को नहीं बताया था। अदालत के आदेश पर शुक्रवार को शव कब्र से निकाल लिया गया है।