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पढ़ाई का हुआ हरजा, अब पीयू प्रशासन खोले दरवाजा

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चंडीगढ़। कोरोना की तीसरी लहर के साथ-साथ शिक्षण संस्थानों को खोलने के आदेश हो गए हैं। पेक से लेकर कॉलेजों ने एक फरवरी से अपने कैंपस खोलने की घोषणा कर दी, लेकिन पंजाब विश्वविद्यालय अभी सो रहा है।
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छात्रों ने पीयू के अफसरों को चिट्ठियां लिखी हैं। उन्होंने कहा है कि अब बहाने न बनाए जाएं और एक फरवरी से कैंपस खोल दें, क्योंकि दो साल से कैंपस बंद होने के कारण पढ़ाई ऑनलाइन चल रही है और इससे युवाओं की पढ़ाई का बड़ा नुकसान हुआ है।
कोरोना के आते ही लॉकडाउन लग गया था। उसके बाद पीयू के द्वार भी बंद हो गए। शोधार्थी से लेकर विद्यार्थी तक घर चले गए। पहली लहर की विदाई के बाद कुछ शोधार्थी पीयू पहुंचे, लेकिन अधिकारिक घोषणा नहीं की गई। इतने में ही कोरोना की दूसरी लहर आ गई। इसका प्रकोप अधिक रहा। छात्र घर पर रहे और पढ़ाई ऑनलाइन चलती रही। इस पढ़ाई का कुछ छात्रों को लाभ मिला तो कुछ को नहीं। दूरस्थ स्थानों पर रहने वाले विद्यार्थियों को इंटरनेट की दिक्कतें हुईं। इस कारण ऑनलाइन पढ़ाई पूरी तरह कारगर नहीं हो सकी।
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दूसरी लहर के बाद तमाम शिक्षण संस्थान खुल गए, लेकिन पीयू ने कैंपस पूरी तरह नहीं खोला। केवल शोधार्थियों व पीजी अंतिम वर्ष के छात्रों को बुलाया और बाकी विद्यार्थी घर पर रहे। कोरोना की तीसरी लहर शुरू हुई, लेकिन अधिक घातक न होने के कारण शिक्षण संस्थान एक फरवरी से खुल रहे हैं। इसी को देखते हुए विद्यार्थियों ने पीयू से कैंपस खोलने का अनुरोध किया है।
विद्यार्थियों ने पीयू को दिए कई तर्क
विज्ञान संकाय से स्नातक कर रहे विद्यार्थी शुभम सिंह, कुमार अभिषेक, इंजीनियरिंग के छात्र विनोद शर्मा, कला वर्ग के छात्र मयंक शर्मा आदि ने पत्र लिखे हैं। कहा है कि उनकी पढ़ाई घर पर रहकर नहीं हो रही है। ऐसे में सेमेस्टर परीक्षाएं खत्म होते ही कैंपस खोला जाए। ऑफलाइन पढ़ाई के जरिए ही सफलता हासिल हो सकेगी। उन्होंने कहा कि वह किसी कंपनी या अन्य संस्थानों में नौकरी मांगने जाएंगे तो उन पर संदेह किया जाएगा। उन विद्यार्थियों को प्राथमिकता मिलेगी जो ऑफलाइन कक्षाओं के जरिए पढ़कर आए होंगे। पढ़ाई का नुकसान और न हो, इसलिए पीयू के अधिकारी कैंपस खोलें। इसके लिए उन्होंने कई तर्क देते कहा कि प्रयोग का जीवन में बड़ा महत्व है, जोकि नहीं हो पा रहे हैं। ऑनलाइन कक्षाओं के जरिए वे प्रयोग नहीं कर पाते, जबकि प्रयोग के जरिए ही जानकारी मिलती है जो अच्छी नौकरी दिलाने में मददगार होती है।
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