अमरिंदर ने इस तथ्य पर भी चिंता जाहिर की कि बीते एक हफ्ते में हर दिन लगभग 300 केस आ रहे हैं। एक सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी सीमा पर पंजाब में दाखिल होने वाले प्रत्येक व्यक्ति की सख्ती से जांच की जाएगी। लुधियाना के रवीन्द्र बग्गा ने चिंता व्यक्त की थी कि मजदूरों को ट्रकों से लाकर शंभू बॉर्डर पर छोड़ दिया जा रहा है, जहां से वे पैदल राज्य में प्रवेश कर रहे हैं।
गरीबों के लिए 10 लाख मास्क डीसी को भेजे
कैप्टन ने कोविड पर अपनी अपील दोहराई कि सभी लोग पूरे एहतियात बरतें, मास्क पहनें और अन्य सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन करें ताकि राज्य में इसके और अधिक फैलाव को रोका जा सके। उन्होंने कहा कि गरीब लोगों को रोजाना धोकर इस्तेमाल किए जाने वाले 10 लाख मास्क बांटने के लिए डिप्टी कमिश्नरों को भेजे जा चुके हैं। राजपुरा के अमित कुमार ने सीएम के समक्ष चिंता जाहिर की है कि उनके शहर के लोग भीड़ वाले स्थानों पर मास्क नहीं पहनते और पुलिस सिर्फ खास स्थानों पर ही जांच करती है। इसके जवाब में कैप्टन ने कहा कि उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पंजाब के शहरी क्षेत्रों में कोरोना की स्थिति गंभीर: कैप्टन
पटियाला के सचिन ढंड के सवाल का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि महामारी के फैलाव के दरमियान अपेक्षाकृत शहरी क्षेत्रों में संक्रमण की स्थिति गंभीर है और इससे निपटने के लिए और अधिक जिम्मेदारी दिखाना होगा। लुधियाना के सेवक सिंह ने कहा कि कोविड के इलाज के लिए प्राइवेट अस्पतालों के लिए तय दरें बहुत ज्यादा हैं। यह कीमतें आम आदमी की पहुंच से बाहर हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राइवेट अस्पतालों की तरफ से अब तक वसूले जा रहे खर्चे बहुत ज्यादा थे जिस कारण बहुत बीमार मरीजों के लिए प्रतिदिन 18 हजार रुपये की सीमा निश्चित की गई है।
मत्तेवाड़ा जंगल का एक भी पेड़ नहीं उखाड़ा जाएगा
मत्तेवाड़ा जंगल उजाड़ने के बारे में सामने आ रही रिपोर्टों को खारिज करते हुए अमरिंदर सिंह ने कहा कि जंगल का एक भी पेड़ नहीं उखाड़ा जाएगा और न ही औद्योगिक पार्क के लिए सरकार जंगल की एक इंच जमीन लेगी। सरकार ने पशु पालन विभाग, बागवानी विभाग और ग्राम पंचायत की 955 एकड़ जमीन ली है। उन्होंने बताया कि मत्तेवाड़ा पार्क के लिए कॉमन एफ्ल्यूएंट ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित किया जाएगा।
कोरोना महामारी के प्रति चलाए गए जागरूकता मिशन फतेह मुहिम को भारी समर्थन मिला है। इसे देखते हुए कैप्टन ने मिशन को और दो महीने बढ़ाने का फैसला किया है। इसके साथ ही उन्होंने अगले चरण के तौर पर डायमंड सर्टिफिकेट का भी एलान किया। मुख्यमंत्री ने मिशन फतेह के तहत 15 जून से 15 जुलाई तक महीना भर चले मुकाबलों के सात विजेताओं को बधाई दी।
इन विजेताओं में नेहा (बठिंडा), मीना देवी (अमृतसर), मनिन्दर सिंह (श्री मुक्तसर साहिब), जसबीर सिंह (गुरदासपुर), गुरसेवक सिंह (कपूरथला), मनबीर सिंह (फाजिल्का) और बलविन्दर कौर (लुधियाना) शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने दूसरे लोगों को भी मिशन फतेह मुकाबले में हिस्सा लेने की अपील की। 100 मिशन योद्धाओं को 16 जुलाई तक मुकाबला जीतने पर गोल्ड सर्टिफिकेट दिया जा चुका है। इस मुकाबले में 3.2 लाख ने हिस्सा लिया। इस बढ़ाई गई मुहिम के दौरान गोल्ड सर्टिफिकेट विजेता और गोल्ड, सिल्वर या ब्रांज (स्वर्ण, रजत और कांस्य) सर्टिफिकेट जीतने के लिए योग्य नहीं होंगे लेकिन वह डायमंड सर्टिफिकेट जीतने के लिए इस मुकाबले में आगे हिस्सा ले सकेंगे।