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राहत: अब पंजाब में रविवार को नहीं लगेगा कर्फ्यू, मुख्यमंत्री ने हटाने का किया एलान

Sun, 19 Jul 2020 09:50 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

  • फेसबुक लाइव सेशन के दौरान कहा- लोगों को काम से घर से बाहर निकलने की जरूरत होती है
  • बार्डर पर सख्ती से जांच की जाएगी, मास्क पहनें और सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन करें: कैप्टन 
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कैप्टन अमरिंदर सिंह (फाइल फोटो) - फोटो : एएनआई
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विस्तार
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पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने सूबे में रविवार को कर्फ्यू हटाने का एलान किया है। उन्होंने कहा कि रविवार को अब कर्फ्यू लागू नहीं किया जा रहा क्योंकि बहुत लोगों को काम के लिए घर से बाहर निकलने की जरूरत होती है। उन्होंने कहा कि लेकिन पंजाब बार्डर पर सूबे में दाखिल होते समय सख्ती से जांच की जाएगी। 

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सीएम ने लोगों से मास्क पहनने और अन्य सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन करने की अपील की। मुख्यमंत्री शनिवार को अपने साप्ताहिक फेसबुक लाइव सेशन ‘कैप्टन से सवाल’ के दौरान जनता के सवालों के जवाब दे रहे थे। 

आनंदपुर साहिब से अमरजीत सिंह के सवाल के जवाब में कैप्टन ने बताया कि सूबा वासियों की दिक्कतों को देखते हुए रविवार को कर्फ्यू नहीं लगाया जाएगा। उन्होंने कहा कि रविवार को लोगों को काम से बाहर जाना जरूरी होता है। सूबे में कोविड के फैलाव के मद्देनजर रविवार और छुट्टी के दिन लोगों को घरों में रखने के उद्देश्य से कर्फ्यू लागू करने का फैसला लिया गया था।
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मुख्यमंत्री ने लोगों को कोविड के संक्रमण के किसी भी तरह के लक्षण का संकेत दिखने पर तुरंत अस्पतालों से संपर्क करने की अपील की। उन्होंने कहा कि पंजाब में अब तक कोविड से 239 व्यक्ति जान गंवा चुके हैं और 9442 मामले सामने आए हैं। कोविड-19 मामलों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। 

रोजाना 300 केस आ रहे

अमरिंदर ने इस तथ्य पर भी चिंता जाहिर की कि बीते एक हफ्ते में हर दिन लगभग 300 केस आ रहे हैं। एक सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी सीमा पर पंजाब में दाखिल होने वाले प्रत्येक व्यक्ति की सख्ती से जांच की जाएगी। लुधियाना के रवीन्द्र बग्गा ने चिंता व्यक्त की थी कि मजदूरों को ट्रकों से लाकर शंभू बॉर्डर पर छोड़ दिया जा रहा है, जहां से वे पैदल राज्य में प्रवेश कर रहे हैं।

गरीबों के लिए 10 लाख मास्क डीसी को भेजे
कैप्टन ने कोविड पर अपनी अपील दोहराई कि सभी लोग पूरे एहतियात बरतें, मास्क पहनें और अन्य सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन करें ताकि राज्य में इसके और अधिक फैलाव को रोका जा सके। उन्होंने कहा कि गरीब लोगों को रोजाना धोकर इस्तेमाल किए जाने वाले 10 लाख मास्क बांटने के लिए डिप्टी कमिश्नरों को भेजे जा चुके हैं। राजपुरा के अमित कुमार ने सीएम के समक्ष चिंता जाहिर की है कि उनके शहर के लोग भीड़ वाले स्थानों पर मास्क नहीं पहनते और पुलिस सिर्फ खास स्थानों पर ही जांच करती है। इसके जवाब में कैप्टन ने कहा कि उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

पंजाब के शहरी क्षेत्रों में कोरोना की स्थिति गंभीर: कैप्टन
पटियाला के सचिन ढंड के सवाल का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि महामारी के फैलाव के दरमियान अपेक्षाकृत शहरी क्षेत्रों में संक्रमण की स्थिति गंभीर है और इससे निपटने के लिए और अधिक जिम्मेदारी दिखाना होगा। लुधियाना के सेवक सिंह ने कहा कि कोविड के इलाज के लिए प्राइवेट अस्पतालों के लिए तय दरें बहुत ज्यादा हैं। यह कीमतें आम आदमी की पहुंच से बाहर हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राइवेट अस्पतालों की तरफ से अब तक वसूले जा रहे खर्चे बहुत ज्यादा थे जिस कारण बहुत बीमार मरीजों के लिए प्रतिदिन 18 हजार रुपये की सीमा निश्चित की गई है।

मत्तेवाड़ा जंगल का एक भी पेड़ नहीं उखाड़ा जाएगा
मत्तेवाड़ा जंगल उजाड़ने के बारे में सामने आ रही रिपोर्टों को खारिज करते हुए अमरिंदर सिंह ने कहा कि जंगल का एक भी पेड़ नहीं उखाड़ा जाएगा और न ही औद्योगिक पार्क के लिए सरकार जंगल की एक इंच जमीन लेगी। सरकार ने पशु पालन विभाग, बागवानी विभाग और ग्राम पंचायत की 955 एकड़ जमीन ली है। उन्होंने बताया कि मत्तेवाड़ा पार्क के लिए कॉमन एफ्ल्यूएंट ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित किया जाएगा।
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गोल्ड, सिल्वर, ब्रांज के अलावा विजेताओं को मिलेंगे डायमंड सर्टिफिकेट : कैप्टन

कोरोना महामारी के प्रति चलाए गए जागरूकता मिशन फतेह मुहिम को भारी समर्थन मिला है। इसे देखते हुए कैप्टन ने मिशन को और दो महीने बढ़ाने का फैसला किया है। इसके साथ ही उन्होंने अगले चरण के तौर पर डायमंड सर्टिफिकेट का भी एलान किया। मुख्यमंत्री ने मिशन फतेह के तहत 15 जून से 15 जुलाई तक महीना भर चले मुकाबलों के सात विजेताओं को बधाई दी।

इन विजेताओं में नेहा (बठिंडा), मीना देवी (अमृतसर), मनिन्दर सिंह (श्री मुक्तसर साहिब), जसबीर सिंह (गुरदासपुर), गुरसेवक सिंह (कपूरथला), मनबीर सिंह (फाजिल्का) और बलविन्दर कौर (लुधियाना) शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने दूसरे लोगों को भी मिशन फतेह मुकाबले में हिस्सा लेने की अपील की। 100 मिशन योद्धाओं को 16 जुलाई तक मुकाबला जीतने पर गोल्ड सर्टिफिकेट दिया जा चुका है। इस मुकाबले में 3.2 लाख ने हिस्सा लिया। इस बढ़ाई गई मुहिम के दौरान गोल्ड सर्टिफिकेट विजेता और गोल्ड, सिल्वर या ब्रांज (स्वर्ण, रजत और कांस्य) सर्टिफिकेट जीतने के लिए योग्य नहीं होंगे लेकिन वह डायमंड सर्टिफिकेट जीतने के लिए इस मुकाबले में आगे हिस्सा ले सकेंगे। 
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