पंजाब को नशा मुक्त बनाने का दावा कर पंजाब सरकार सत्ता में तो आ गई लेकिन नशे की दलदल में फंसे युवकों को बाहर निकालना काफी मुश्किल साबित हो रहा है। पंजाब सरकार दावा करती है कि पंजाब में नशे की कमर तोड़ी जा रही है तो दूसरी तरफ लुधियाना में नशे की ओवरडोज से युवक की मौत हो गई। मृतक युवक की पहचान गांव साइयां कलां निवासी परमिंदर सिंह (32) के रूप में हुई है।
युवक ने गांव गिल पेट्रोल पंप के बाथरूम में जाकर खुद को नशे का इंजेक्शन लगा लिया। परिवार वालों का आरोप है कि उसके दोस्तों ने उसे नशे की ओवरडोज दी है, जिस कारण उसकी मौत हो हुई। सूचना मिलने के बाद थाना सदर की पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने जांच के बाद शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम करवा परिजनों को दे दिया है।
उधर, पुलिस ने गांव साइयां कलां के रहने वाले मृतक परमिंदर सिंह के पिता शरणजीत सिंह की शिकायत पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया है। पुलिस ने आरोपियों का पता लगाना शुरू कर दिया है। थाना सदर के एसएचओ जसपाल सिंह ने बताया कि शरणजीत सिंह खेतीबाड़ी करता था। उसका शादीशुदा बेटा परमिंदर सिंह भी उसी के साथ था।
परमिंदर नशा करने का आदी था और 26 मई को परिवार से बात कर निकला था। जब वह रास्ते में गांव गिल के पेट्रोल पंप के पास पहुंचा तो बाथरूम खाली देख अंदर घुस गया और खुद को नशे का इंजेक्शन लगा लिया। इसके तुरंत बाद उसकी तबीयत खराब हो गई और उसने बाथरूम के अंदर ही दम तोड़ दिया।
पेट्रोल पंप के मुलाजिम बाथरूम में गए तो अंदर युवक मृत पड़ा था। उन्होंने तुरंत इसकी जानकारी पुलिस को दी। पुलिस ने मौके पर जाकर जांच की तो शव के पास से एक सिरिंज भी मिली है। परिवार ने आरोप लगाया कि जो दोस्त उसे लेकर गए थे उन्होंने ही नशे की ओवरडोज दी है। सब इंस्पेक्टर जसपाल सिंह ने बताया कि आरोपी कौन है इसका पता लगाया जा रहा है। मृतक परमिंदर के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल मंगवाई जा रही है। उसके बाद आगे की जांच की जाएगी।