सीबीआई ने रिमांड की मांग वाली अर्जी में बताया कि मामले की शुरुआती जांच में पता चला था कि कर्मचारियों के भविष्य निधि का कुल 2631.20 करोड़ की राशि का दुरुपयोग किया गया है। वित्त मंत्रालय की अधिसूचना के बावजूद आरोपियों ने भविष्य निधि के धन को डीएचएफएल में निवेश कर करोड़ों रुपये का कमीशन प्राप्त किया। उन्हें सात दिन की रिमांड पर लिया गया है।
सीबीआई ने दीवान हाउसिंग फाइनेंस लि. (डीएचएफएल) के प्रमोटर कपिल वधावन और धीरज वधावन को मुंबई से गिरफ्तार किया है। दोनों को सीबीआई ने विशेष अदालत में पेश किया। दोनों पर आरोप है कि उन्होंने उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लि. (यूपीपीसीएल) के कर्मचारियों के भविष्य निधि की 2631.20 करोड़ रुपये की रकम अवैध तरीके से निवेश कराने के लिए अधिकारियों के साथ मिलकर हेराफेरी की।
विज्ञापन
सीबीआई की विशेष अदालत में विशेष न्यायाधीश विक्रम सिंह ने दोनों आरोपियों को सात दिनों की रिमांड पर सीबीआई के सुपुर्द करने का फैसला किया। सीबीआई ने रिमांड की मांग वाली अर्जी में बताया कि मामले की शुरुआती जांच में पता चला था कि कर्मचारियों के भविष्य निधि का कुल 2631.20 करोड़ की राशि का दुरुपयोग किया गया है।
वित्त मंत्रालय की अधिसूचना के बावजूद आरोपियों ने भविष्य निधि के धन को डीएचएफएल में निवेश कर करोड़ों रुपये का कमीशन प्राप्त किया। इसमें कहा गया है कि आरोपियों से उन दस्तावेजों और माध्यम की जानकारी करनी है। उधर, बचाव पक्ष की ओर से वकील प्रांशु अग्रवाल ने अर्जी का विरोध किया। उन्होंने कहा कि डीएचएफएल में जो धनराशि निवेश की गई है, उसके आधे की अदायगी की जा चुकी है और आरोपी शेष राशि अदा करने को तैयार हैं।
विज्ञापन
गौरतलब है कि डीएचएफएल के प्रमोटर कपिल वधावन को यस बैंक के 5,050 हजार करोड़ रुपये के घोटाले के मामले में दो साल पहले मई 2020 में प्रवर्तन निदेशालय ने गिरफ्तार किया था। बाद में दिल्ली हाईकोर्ट ने कपिल को जमानत दे दी थी। अब सीबीआई ने कपिल और धीरज को दूसरे मामले में गिरफ्तार कर सीबीआई की विशेष अदालत में पेश किया है।