वहीं से विजिलेंस ने अश्वनी से नागर को फोन कराया। जिसमें अश्वनी ने पूछा कि ये पैसा कहां पर लाना है। नागर ने अश्वनी को पैसे लेकर अपने कार्यालय बुला लिया। अश्वनी ने जैसे ही पैसों से भरा सूटकेस अनिल नागर को सौंपा तो विजिलेंस ने उसको काबू कर लिया। नागर 2016 बैच के एचसीएस है। हरियाणा सफाई कर्मचारी आयोग के सचिव का पद भी इनके पास है।
डेंटल सर्जन की परीक्षा में नंबर बढ़ाने को लिए थे पैसे: एसपी गर्ग
एसपी विजिलेंस हिमांशु गर्ग ने बताया कि डेंटल सर्जन भर्ती की लिखित परीक्षा में नंबर बढ़ाने को लेकर आरोपियों ने अभ्यर्थियों से पैसे लिए हैं। शिकायत के आधार पर छानबीन कर नवीन, अश्वनी और एचसीएस अधिकारी अनिल नागर को गिरफ्तार किया गया है। नवीन को अदालत में पेश कर चार दिन के रिमांड पर लिया है, जबकि दोनों आरोपियों को शुक्रवार को अदालत में पेश किया जाएगा। पूछताछ में और भी खुलासे हो सकते हैं, जिसके आधार पर पूरे गिरोह का पर्दाफाश होने की उम्मीद है।
आयोग में हड़कंप, कॉल डिटेल से खुलेंगे राज
एचपीएससी की भर्तियों में भी अब बड़ी धांधली का खुलासा हो सकता है। आयोग के बड़े अधिकारी का इतनी मोटी रकम के साथ काबू होने पर भर्तियां भी संदेह के घेरे में आ गई हैं। आरोपियों के मोबाइल की कॉल डिटेल भी खंगाली जाएगी, ताकि उनके अन्य साथियों को गिरफ्तार किया जा सके। उधर, आयोग के कर्मचारियों और अधिकारियों में खलबली मची हुई है। कई लोग जांच के घेरे में आ सकते हैं।