एक सप्ताह पहले पठानकोट के ढांगू रोड पर स्थित यूनियन बैंक में सिद्धू मूसेवाला की हत्या के मास्टरमाइंड गोल्डी बराड़ के आधार कार्ड पर खाता खुलवाने की कोशिश का मामला पुलिस ने सुलझा लिया है। पुलिस इस मामले में तीन युवकों में से दो को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों की पहचान फिरोजपुर कलां निवासी मुनीश और अनूप शर्मा के रूप में हुई है। जबकि मास्टरमाइंड जीरा में बैठा मुख्य आरोपी फिलहाल पकड़ से बाहर है। गिरफ्तार आरोपियों को कोर्ट में पेश कर दो दिन का रिमांड हासिल किया गया है।
अमृतसर में कढ़ाई का काम करता था मुख्य आरोपी
पुलिस की जांच में पता चला है कि इस गिरोह का मुख्य सरगना जीरा का रहने वाला है। वह पहले अमृतसर में कढ़ाई-बुनाई का काम करता था। करीब दो साल पहले सड़क हादसे में उसे गंभीर चोटें आईं और उसकी पसलियां तक टूट गई थीं, जिसके बाद वह घर पर ही रहने लगा। इसी दौरान उसने मोबाइल का काम शुरू किया। बाद में उसके दिमाग में शॉर्टकट तरीके से पैसे कमाने की लालसा जगी और जाली खाते बनाकर आगे लोगों को बेचना शुरू कर दिया। उसने देखा कि इस मामले में मोटी कमाई हो सकती है।
पुलिस को यह भी पता चला है कि बाद में अधिक पैसा कमाने के चक्कर में अपने सालों को भी शामिल कर लिया। वे किसी भी तरह पकड़ा न जाए, इसलिए उसने जीरा और आसपास के एरिया के जाली खाते खोलने के साथ-साथ अब पठानकोट में भी इसका नेटवर्क बनाना शुरू कर दिया था।
गोल्डी बराड़ जैसी शक्ल होने के कारण ही आधार कार्ड पर लगाया उसका फोटो
जांच में यह बात भी सामने आई है कि जो व्यक्ति इस गिरोह का सरगना है, उसका चेहरा कुछ हद तक गैंगस्टर गोल्डी जैसा लगता था, यही कारण है कि जब उसका जाली आधार कार्ड तैयार किया जा रहा था तो आरोपियों ने उसका फोटो ही इंटरनेट से उठाकर लगा दिया। बता दें कि आठ जुलाई को बैंक में खाता खुलवाने के लिए एक बदमाश आया। उसने गैंगस्टर गोल्डी बराड़ की शक्ल से मेल खाते एक व्यक्ति का आधार कार्ड दिखाकर खाता खुलवाने का प्रयास किया। इसके बाद बैंक के कर्मियों को जब शक हुआ तो वह भाग खड़ा हुआ। बैंक के एक कर्मी ने उसका पीछा किया तो ढांगू रोड डॉक्टर घई वाली की गली से होते हुए वह गायब हो गया।