इंस्पेक्टर सतीश ने बताया कि आरोपी रमेश से अभी पूछताछ चल रही है, उसकी निशानदेही पर अभी और लग्जरी गाड़ियां बरामद हो सकती है। वहीं, महम एसडीएम कार्यालय के तीनों कर्मचारियों ने एसटीएफ के सामने कई और खुलासे किए हैं।
एक आरसी बनाने पर मिलते थे 50 हजार, 25 हजार लेता था टाइपिस्ट
इंस्पेक्टर सतीश देशवाल ने बताया कि रिमांड अवधि के दौरान महम एसडीएम कार्यालय के तीनों कर्मचारियों और टाइपिस्ट ने बताया कि उन्हें एक आरसी बनाने पर 50 हजार रुपये मिलते थे। 25 हजार टाइपिस्ट अपने पास रखता था जबकि 25 हजार तीनों कर्मचारी आपस में बांट लेते थे।
2017 से प्रदेश में सक्रिय है गिरोह
एसटीएफ इंस्पेक्टर ने बताया कि चोरी की लग्जरी गाड़ियां बेचने वाला गिरोह पिछले करीब ढाई साल से सक्रिय है। महम एसडीएम ऑफिस के कर्मचारी और टाइपिस्ट 2017 से फर्जी आरसी बनाने का काम कर रहे हैं। टाइपिस्ट और तीनों कर्मचारी 300 से अधिक गाड़ियां बेचने का खुलासा कर चुके हैं।
कर्मचारियों के बैंक खाते किए जाएंगे फ्रीज
इंस्पेक्टर सतीश देशवाल ने बताया कि रिमांड के दौरान तीनों कर्मचारियों से कुछ बरामदगी भी हुई है। आरसी बनाने की एवज में आए रुपयों से कर्मचारियों ने शौक भी पूरे किए हैं। उनके बैंक खातों को फ्रीज करने की प्रक्रिया भी जल्द शुरू कर दी जाएगी।
हमारी टीमों ने गुरुवार को आठ और चोरी की लग्जरी गाड़ियां बरामद की हैं। महम एसडीएम ऑफिस के तीनों कर्मचारियों को रिमांड अवधि पूरी होने के बाद जेल भेज दिया है जबकि रिमांड पर लिए गए टाइपिस्ट रमेश से अभी पूछताछ चल रही है। - सतीश देशवाल, इंस्पेक्टर, एसटीएफ