गोरखपुर जिले के गोला इलाके के मठिया गांव में पुलिस ने किराए का मकान लेकर तमंचा बनाने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने कारीगर समेत दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। मौके से कई तमंचा और उसे बनाने के उपकरण बरामद किए गए हैं। पुलिस गिरोह के सरगना और मकान मालिक की तलाश में जुटी है।
पकड़े गए आरोपितों की पहचान मऊ के घोषी थाना क्षेत्र के करमपुर निवासी पतिराम विश्वकर्मा और गोला के भीखाभार निवासी अवधेश विश्वकर्मा के रूप में हुई है। एसपी साउथ विपुल कुमार श्रीवास्वत ने प्रेस कांफ्रेंस कर पकड़े गए आरोपितों के बारे में जानकारी दी।
एसपी ने बताया कि गोला थाना प्रभारी हेमेंद्र पांडेय को सूचना मिली कि मठिया गांव निवासी सूरज निषाद के मकान में तमंचा बनाने की फैक्ट्री चल रही है। बुधवार की शाम पुलिस सूरज के घर पहुंची तो मौके पर पतिराम और अवधेश को गिरफ्तार कर लिया।
चंद रुपये में ही बन जाता था मौत का हथियार
मकान मालिक सूरज निषाद और गिरोह का सरगना अनंत निषाद पुलिस को चकमा देकर फरार हो गए। पकड़े गए आरोपितों की निशानदेही पर पुलिस ने 315 बोर का तीन तमंचा, तीन अर्द्धनिर्मित तमंचा, लोहे की पाइप, चौकोर, स्प्रिंग, हथौड़ी, रेती, छिन्नी, सड़सी, लोहे का चापट बरामद किया है। आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज कर दोनों आरोपितों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
पुलिस को पूछताछ में पतिराम ने बताया कि मठिया गांव के रहने वाले अनंत निषाद उर्फ छोटू ने एक तमंचा बनाने पर 1000 रुपये देने की बात कहकर उसे काम पर रखा था। पतिराम ने बताया कि तमंचा बनाने के आरोप में पहले भी वह जेल जा चुका है। जेल से आने के बाद उसने तमंचा बनाने का काम छोड़ दिया और मुंबई चला गया था। लॉकडाउन में घर लौटा था। अवधेश की मदद से अनंत ने संपर्क किया तो तमंचा बनाने को तैयार हो गया।