पाकिस्तान के लिए जासूसी करने वाले कोलकाता के जाफर रियाज और बिहार के मोहम्मद शमशाद की गिरफ्तारी के बाद एसएसओसी (स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल) ने गुरुवार की देर शाम अमृतसर रेलवे स्टेशन से तीन अन्य संदिग्धों को भी पकड़ा है। सूचना है कि यह तीनों भी उक्त दोनों आरोपियों के साथ मिलकर शहर के सैन्य ठिकानों की सूचनाएं जुटा रहे थे।
एसएसओसी के अधिकारी इनसे पूछताछ कर रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ बुधवार को यहीं से गिरफ्तार रियाज और शमशाद को गुरुवार शाम अदालत में पेश किया गया, जहां अदालत ने दोनों को दो दिन के पुलिस रिमांड पर भेजने का आदेश जारी किया। गुरुवार शाम रेलवे स्टेशन के बाहर से पकड़े गए तीनों संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है।
पकड़े गए इन तीनों के मोबाइल फोन के डाटा और गैलरियों को खंगाला जा रहा है। पूछताछ के दौरान अगर ये तीनों संदिग्ध बेकसूर पाए जाते हैं तो इन्हें छोड़ दिया जाएगा। एसएसओसी के एक अधिकारी ने अपना नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि कोलकाता के बेनियां पुकुर के रियाज ने पूछताछ में खुलासा किया है कि पाकिस्तान दूतावास और आईएसआई एजेंट आवेश भारत का वीजा लगवाने को लेकर उसे जासूसी करने के लिए मजबूर कर रहे थे। उसके इस काम में हां कहने के बाद ही उसे भारत का वीजा मिलता रहा। रियाज पिछले 12 साल से पाकिस्तान में रह रहा था।
एसएसओसी ने आरोपी रियाज का नया पासपोर्ट तो बरामद कर लिया मगर उसके पुराने पासपोर्ट का अभी तक कुछ पता नहीं चल सका। जानकारी के मुताबिक एसएसओसी ने बुधवार को रियाज और शमशाद को रेलवे स्टेशन के पास से काबू किया था। पूछताछ में यह भी सामने आया कि रियाज और शमशाद ने एसजीआरडी एयरपोर्ट, एयरफोर्स स्टेशन की तीन बार रेकी कर काफी जानकारियां इकट्ठा की थी।
रियाज कुछ जानकारियां अपने फोन के जरिये आईएसआई एजेंट आवेश को भी भेज चुका है। आईएसआई ने रियाज से कहा था कि वह अमृतसर के खासा, पठानकोट एयरबेस और जालंधर के सैन्य ठिकानों की जानकारियां जुटा पाकिस्तान भेजे। एसएसओसी के अधिकारियों को दोनों आरोपियों के मोबाइल की गैलरी से सैन्य ठिकानों की फोटो मिली हैं।
आशंका है कि कुछ समय पहले बरामद विस्फोटक पदार्थ इनकी रेकी के बाद कुछ ठिकानों पर इस्तेमाल होना था। सुरक्षा एजेंसियां चौकस हो गई हैं, सीमा पार से ड्रोन से भेजे गए विस्फोटक का भी पता लगाने के प्रयास किए जा रहे हैं। एसएसओसी ने गुरुवार को दोनों आरोपियों को अदालत में पेश किया। मामले की सुनवाई करने के बाद इसे एक गंभीर मामला मानते हुए दोनों आरोपियों को दो दिनों के पुलिस रिमांड पर भेज दिया।