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नायब तहसीलदार पेपर लीक मामले में चौंकाने वाला खुलासा, 60 हजार में ठेका लेते हैं प्रोफेशनल

Mon, 17 Jun 2019 02:57 PM IST
खुशबू गोयल महबूब अली, अमर उजाला, रोहतक(हरियाणा)
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Paper Leak - फोटो : File Photo
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हरियाणा में हुए नायब तहसीलदार का एग्जाम पेपर और एयरफोर्स पेपर लीक प्रकरण में पुलिस और एसटीएफ की जांच में कई अहम जानकारियां हाथ लगी हैं। गुरुग्राम में प्रोफेशनल कोर्स कर रहे छात्र हरियाणा और दिल्ली के विभिन्न स्थानों पर होने वाली प्रतियोगी और अन्य परीक्षाओं के पेपर लीक कराने से लेकर सॉल्व कराने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। प्रत्येक पेपर को सॉल्व कराने के बदले पचास से 60 हजार रुपये तक लिए जाते थे। इस खुलासे के बाद गुरुग्राम के 12 लोगों को चिह्नित किया गया है। पुलिस ने जल्द सभी पर शिकंजा कसने को कहा है।
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26 मई को नायब तहसीलदार की परीक्षा का पेपर लीक हुआ था। इसकी सूचना रेवाड़ी पुलिस को पहले ही लग गई थी। एसपी राहुल शर्मा के नेतृत्व में पुलिस टीमों ने रेवाड़ी के जैन गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल के अंदर पेपर दे रहे दिनेश और माउंट लिट्रा स्कूल में पेपर दे रहे उसके भाई मनोज को पकड़ लिया। इसके अलावा उनकी मदद करने वाले अखिल, जयवीर, कुलदीप, गुरुग्राम से पकंज व करनाल एसएस इंटरनेशनल स्कूल के चपरासी राजकुमार को गिरफ्तार किया था। रेवाड़ी पुलिस की जांच में सामने आया था कि गुरुग्राम के दो युवकों ने पेपर सॉल्व कराया था।
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पुलिस के अलावा एसटीएफ को भी मामले की जांच सौंपी गई थी। जांच में सामने आया है कि गुरुग्राम में एमबीए, बीबीए, बीटेक, एमटेक कर रहे और कर चुके छात्र पचास से साठ हजार रुपये में पेपर लीक कराने से लेकर सॉल्व कराने तक का काम कर रहे हैं। फ्लैश बैक में जाएं तो रोहतक में हुए एयरफोर्स पेपर लीक प्रकरण में भी एमबीए पास युवक साहिल, दिनेश के नाम सामने आए थे। इसके अलावा दिल्ली में हुए क्लर्क के पेपर को भी गुरुग्राम के बीटेक, एमटेक और एमबीए पास युवकों ने सॉल्व कराया था। गिरोह ने कई व्हाट्सएप ग्रुप भी बनाए हुए हैं। हालांकि पुलिस अभी चिह्नित आरोपियों के नाम का खुलासा नहीं कर रही है।

अमीर बनने का लालच बना रहा अपराधी
एसटीएफ की जांच में सामने आया है परीक्षाओं को लीक और सॉल्व कराने वाले गिरोह के सदस्य दिल्ली की विभिन्न प्राइवेट कंपनियों में नौकरी करते हैं। जल्दी अमीर बनने के लालच में वे पेपर सॉल्व कराने का ठेका लेता है।

हरियाणा के कुछ इंस्टीट्यूट संचालक करते हैं मदद
जांच में सामने आया है कि रोहतक के अलावा सोनीपत, पानीपत, झज्जर, रेवाड़ी, कुरुक्षेत्र, फतेहाबाद, करनाल के कुछ इंस्टीट्यूट संचालक छात्रों को परीक्षा की तैयारी कराने के साथ-साथ परीक्षा में पास कराने का ठेका लेते हैं। वही गुरुग्राम के सॉल्वर से संपर्क कर पेपर सॉल्व कराने के बदले रुपये देते हैं।

गुरुग्राम के नायब तहसीलदार पेपर लीक प्रकरण में फरार चल रहे गुरुग्राम के पेपर साल्वर को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। दबिश दी जा रही है।
- हंसराज, डीएसपी, रेवाड़ी
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