पुलिस टीम ने मोर्चा संभाला और दो व्यक्तियों को गिरफ्तार कर लिया। हालांकि एक व्यक्ति भागने में कामयाब रहा। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के बाद फरार आरोपी और उसके एक अन्य साथी को गिरफ्तार कर लिया। इन आरोपियों ने हथियारों के बल पर जीरकपुर-एयरपोर्ट रोड से यह कार छीनी थी और खरड़ रोड पर स्थित एक पेट्रोल पंप से 50 हजार रुपये भी चुराए थे।
एसएसपी ग्रेवाल ने बताया कि गैंग का मुखिया आरोपी जसप्रीत सिंह 28 अप्रैल 2021 को पटियाला जेल से अपने अन्य साथी शेर सिंह निवासी गांव लोपोके जिला अमृतसर और इंद्रजीत सिंह उर्फ धियाना निवासी गांव रानीपुर कंबोआं थाना रावलपिंडी जिला कपूरथला के साथ फरार हो गया था।
एसएसपी ने बताया कि गैंग का मुखिया जसप्रीत सिंह उर्फ नूपी 2017 में एक कत्ल के मामले में गिरफ्तार हुआ था और कोर्ट से जमानत मिलने के बाद से वह भगोड़ा हो गया था। इसके बाद कथित आरोपी जसप्रीत के जर्मनी स्थित केएलएफ संगठन के हैंडलर के साथ गहरे संबंध स्थापित हो गए, जो उन्हें आर्थिक तौर पर मदद करके टारगेट किलर के रूप में तैयार कर रहा था।
आरोपी जसप्रीत सिंह के अनुसार उनके कहने पर उसने पंजाब के कई संवेदनशील लोगों की रेकी भी की थी। आरोपी ने यह भी बताया कि केएलएफ उसे वेस्टर्न यूनियन या पेटीएम के जरिये कई बार फंडिंग कर चुका है। उन्होंने ही उसे वारदात को अंजाम देने के लिए उत्तराखंड के रुद्रपुर से हथियार मुहैया करवाए थे। इन अपराधियों को गिरफ्तार करके खन्ना पुलिस ने राज्य में होने वाली कई बड़ी घटनाओं की साजिश को विफल किया है। एसएसपी ने कहा कि आरोपियों से पूछताछ जारी है और अब यह पता लगाया जाएगा कि वह राज्य में किस-किस को अपना निशाना बनाना चाहते थे।