पुलिस जांच में पता चला है कि टीनू ने भागने की रणनीति पूरी फिल्मी स्टाइल में बनाई थी। उसे भागते समय कोई पकड़ न पाए और उसकी पहचान उजागर न हो इसका भी इंतजाम किया था। इसके लिए पूरा प्लान तैयार किया था। एक अक्तूबर को उसने कुलदीप सिंह से संपर्क किया था। साथ ही उसे पूरी रणनीति के साथ महिला सहयोगी को मानसा भेजने को कहा था।
इसके बाद इस ऑपरेशन पर काम शुरू हुआ था। फिर राजवीर सिंह अपने साथी गगनदीप खैरा निवासी लुधियाना के साथ निकला। इस दौरान कुलदीप सिंह ने उसे एक कपड़ों का बैग दिया। जिसे लेकर वे दोनों जीरकपुर पहुंचे। फिर वहां से महिला मित्र को साथ लेकर गए। साथ ही सीआईए मानसा के नजदीक कपड़ों का बैग फेंक दिया। साथ ही वह आगे निकल गए। इसके बाद उसे पुलिस कस्टडी से भगाया।
जेल में हुई थी मुलाकात, सरहद पार से तस्करी में शामिल
आरोपी कुलदीप कोहली दो साल से टीनू से जुड़ा हुआ था। दोनों की पहली मुलाकात कपूरथला जेल में हुई थी। इस दौरान दोनों की दोस्ती गहरा गई थी। साल 2021 में उसको जमानत मिल गई थी। इसके बाद वह जेल से बाहर आ गया था। इसके बाद से वह टीनू के नेटवर्क का हिस्सा बन गया था। साथ ही वह सरहद पार से होने वाली नशा तस्करी का हिस्सा था। इस काम में हरियाणा आधारित उसके साथी सहयोग करते थे। इस मामले की जांच पटियाला रेंज के आईजी एमएस छीना की अगुवाई वाली टीम कर रही है।